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फव्वारा संयंत्र से होगी 55 फीसदी तक पानी की बचत, किसानों को मिल रही 75% सब्सिडी

राजस्थान उद्यान विभाग की तरफ से फव्वारा संयंत्र लगाने के लिए 75 फीसदी तक अनुदान दिया जा रहा है. योजना के तहत अनुदान की राशि सीधा लाभार्थी किसानों के खातों में ट्रांसफर की जाएगी. इस तकनीक के माध्यम से सिंचाई के दौरान 50-55 प्रतिशत पानी की बचत की जा सकती है.

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Irrigation plant
Irrigation plant

देश के अधिकतर राज्यों में भूजल स्तर गिरने से भारी जल संकट की स्थिति पैदा हो गई है. इस संकट का सबसे ज्यादा असर फसलों पर पड़ा है, जिसके चलते उपज में भी भारी गिरावट देखी जा रही है. स्थिति को देखते हुए सरकार की तरफ से फसलों की सिंचाई के लिए नए उपाय और नई योजनाएं  चलाई जा रही हैं. 

50 से 55 प्रतिशत तक पानी की होगी बचत

इसी कड़ी में राजस्थान उद्यान विभाग की तरफ से फव्वारा संयंत्र लगाने के लिए 75 फीसदी तक अनुदान दिया जा रहा है. योजना के तहत अनुदान की राशि सीधा लाभार्थी किसानों के खातों में ट्रांसफर की जाएगी. इस तकनीक के माध्यम से सिंचाई के दौरान 50-55 प्रतिशत पानी की बचत की जा सकती है.

अधिकतम 75 प्रतिशत की सब्सिडी

राजस्थान सरकार सामान्य वर्ग के किसानों को फव्वारा संयंत्र लगाने के लिए 70 प्रतिशत, वहीं, लघु सीमान्त अनुसूचित जाति एवं जनजाति और महिला किसानों को 75 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाती है. सरकार के आदेश के मुताबिक ये अनुदान अधिकतम 5 हेक्टेयर क्षेत्रफल तक पर दिया जाता है. इस सब्सिडी के लिए वही किसान योग्य हैं, जिनके पास  खेती के लिए 0.2 हैक्टेयर भूमि है.

यहां करें आवेदन

इस सब्सिडी का फायदा उठाने के लिए किसान राजकिसान साथी पोर्टल या फिर ई-मित्र केन्द्र पर जाकर आवेदन कर सकते हैं. आवेदन के दौरान किसान के पास जमाबन्दी नकल (6 माह से अधिक पुराने नहीं हो), आधार कार्ड, सिंचाई स्त्रोत प्रमाण पत्र होना जरूरी है.

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सीधे किसानों के खाते में भेजी जाती है राशि

फव्वारा संयंत्र के लिए जिस वित्तीय वर्ष में आवेदन किया गया है उसी साल के सयंत्र खरीद बिल होने की स्थिति में किसानों को अनुदान मिलेगा. भौतिक सत्यापन में निर्धारित मापदण्ड के अनुसार फव्वारा संयंत्र सही पाये जाने पर अनुदान राशि को सीधा किसानों के खाते में जमा किया जाएगा.

 

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