देशभर के कई राज्य बिजली की समस्या से बुरी तरह से प्रभावित हैं. किसानों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है. फसलों की सिंचाई का काम बुरी तरह बाधित है. उत्तर प्रदेश में यह समस्या बड़े स्तर पर देखी गई है. ऐसे में किसानों की मदद करने के लिए प्रदेश सरकार ने 10 हजार सोलर पंपों का आवंटन किया है.
इस आधार पर किसानों को दिया जा रहा है सोलर पंप
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को पहले आओ और पहले पाओ के आधार पर सोलर पंप दिया जा रहा है. सोलर पंप की कुल लागत का 30 प्रतिशत राज्य सरकार तो 30 प्रतिशत केंद्र सरकार वहन कर रही है. इसमें से केवल 40 प्रतिशत की राशि किसानों को अपने पास से लगानी है, यानी 60 फीसदी सब्सिडी मिल रही है.
कैसे होता है सोलर पंपों के लिए चयन?
सोलर पंप की स्थापना के लिए लाभार्थियों का चयन टोकन प्रकिया के आधार पर होता है. किसानों को चालान के माध्यम से एक सप्ताह के अंदर बैंक में जमा करनी होती है. इसके बाद किसान को सोलर पंप सौंप दिया जाता है.
किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है सोलर पंप से सिंचाई
इस साल उत्तर प्रदेश के 62 से ज्यादा जिले सूखे की स्थिति का सामना करना पड़ा. बिजली से सिंचाई किसानों के लिए काफी महंगी साबित हो रही है. डीजल पंपों के सहारे सिंचाई भी किसानों की जेब पर बुरा असर डाल रही है. स्थिति को देखते हुए अन्य विकल्पों की तलाश की जा रही है. अब इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश सरकार किसानों को पहले आओ और पहले पाओ के आधार पर सोलर पंप दे रही है. उत्तर प्रदेश सरकार का ये फैसला सिंचाई को लेकर उनकी समस्या को काफी हद तक सुलझा सकता है.