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Gulkhaira Farming: औषधियां बनाने के काम आता है ये पौधा, गुलखैरा की खेती से चंद महीने में बनें लखपति

Gulkhaira Farming: गुलखैरा का इस्तेमाल कई औषधियों में किया जाता है. किसानों के लिए ये फूल फायदे का सौदा इसलिए है क्योंकि इस पौधे के फूल से पत्ती, तना और बीज सबकुछ बाजार में अच्छी कीमतों पर बिकता है. ऐसे में किसान इस फूल की खेती कर बढ़िया मुनाफा कमा सकते हैं. 

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Gulkhaira ki kheti Gulkhaira ki kheti
स्टोरी हाइलाइट्स
  • औषधियों में इस्तेमाल होता है गुलखैरा
  • यूनानी दवाओं में किया जाता है प्रयोग

Gulkhaira Cultivation: परंपरागत खेती में लगातार होते नुकसान और बढ़ते खर्च से किसान अब दूसरी खेती की तरफ रुख कर रहे हैं. इसी के तहत अब कई किसानों ने औषधीय पौधे गुलखैरा की खेती करनी शुरू कर दी है. इसकी खास बात ये है कि इसे आप किसी भी फसल के बीच लगाकर बढ़िया मुनाफा कमा सकते हैं.

गुलखैरा का इस्तेमाल कई औषधियों किया जाता है. किसानों के लिए ये फूल फायदे का सौदा इसलिए है क्योंकि इस पौधे के फूल से पत्ती, तना और बीज सबकुछ बाजार में अच्छी कीमतों पर बिक जाती है. ऐसे में किसान इस फूल की खेती कर डबल मुनाफा आसानी से कमा सकते हैं. 

बता दें कि गुलखैरा दस हजार रुपये कुंतल तक बाजार में बिक जाता है, एक बीघे में पांच कुंतल तक गुलखैरा निकलता है, ऐसे में एक बीघे में पचास से साठ हजार रुपए आराम से मिल जाते हैं. इस हिसाब से एक एकड़ में तकरीबन 15 कुंतल गुलखैरा होता है जो तकरीबन 1.50 लाख रुपये में बिक जाता है.

गुलखैरा के फूल, पत्तियों और तने का इस्तेमाल यूनानी दवाओं को भी बनाने में किया जाता है. मर्दाना ताकत की दवाओं में भी इस फूल को इस्तेमाल किया जाता है. इसके अलावा बुखार, खांसी तथा अनेक रोगों के खिलाफ इस फूल से बनाई गई औषधियां काफी प्रभावी साबित होती हैं. 

पाकिस्तान और अफगानिस्तान जैसे देशों में इस पौधे की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है. धीरे-धीरे भारत में भी इसकी खेती शुरू हो गई है. उत्तर प्रदेश में कई राज्यों में बड़े पैमाने पर किसानों ने इसकी खेती शुरू कर बढ़िया मुनाफा कमा रहे हैं. कन्नौज और हरदोई जैसे इलाकों में बड़े पैमाने पर किसान इसकी खेती करते दिख रहे हैं.

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