किसान भी अब अपने सेक्टर में नई ऊंचाइयां छू रहे हैं. भारत एक कृषि प्रधान देश है, यहां आए दिन किसानों की सफलता के किस्से सुनने को मिलते हैं. कर्नाटक के टुमकुरु तालुक की रहने वाली राजेश्वरी ने डेयरी सेक्टर में सफलता हासिल की है. उनकी इस सफलता की कहानी कई किसानों के लिए एक मिसाल है.
दरअसल, तुमकुरु जिले के कोराटागेरे तालुक की रहने वाली राजेश्वरी ने साल 2019 में डेयरी फार्मिंग की शुरुआत की थी. उस समय उनके पास केवल 5 गाय थीं. लेकिन महज चार साल में उनका यह कारोबार अब काफी बड़ा हो गया है. आजतक की सहयोगी वेबसाइट किसान तक की रिपॉर्ट के मुताबिक, आज उनके पास 46 गाय हैं. इससे वह रोजाना 650 लीटर दूध कर्नाटक मिल्क फेडरेशन को सप्लाई करती हैं और 7 लाख रुपये महीना तक कमाती हैं.
चुनौतियों से भरा था सफर
राजेश्वरी के लिए यह कर पाना कई चुनौतियों से भरा हुआ था. उन्होंने 39 साल की उम्र में एक स्थिर इनकम की दिशा में सोचना शुरू किया लेकिन इसे जमीन पर उतारना काफी मुश्किल था. जैसे गायों का चारा जुटाने से लेकर उनके लिए चिकित्सा का इंतजाम करना. . इसके लिए उन्होंने खुद ही चारे का उत्पादन शुरू किया. फिर पड़ोसी से 6 एकड़ जमीन लीज पर ली और पशुपालन एवं मक्का और कपास की खेती शुरू कर दी.
इस तरह मिली सफलता
राजेश्वरी को धीरे-धीरे इसमें फायदा मिलने लगा. इसके बाद उन्होंने इसमें निवेश बढ़ाने का फैसला किया. जर्सी और होल्स्टीन फ्रीजियन नस्ल की गाय का पालन किया. उनकी मेहनत और लगन का नतीजा है कि आज उनके पास 46 गाय हैं. पर्याप्त चारे और पशु चिकित्सा की उचित देखभाल और रखरखाव सुनिश्चित करने के लिए करीब चार श्रमिकों को नियुक्त किया हुआ है.