Goat Farming: ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले कुछ सालों से बकरी पालन किसानों के बीच मुनाफे वाला व्यवसाय बना हुआ है. सरकार भी किसानों को इसके लिए कई योजनाओं के माध्यम से प्रोत्साहित कर रही है. बता दें कि कम लागत और ज्यादा मुनाफे की वजह से किसान अब इस व्यवसाय की तरफ तेजी से रुख करने लगे हैं.
किसानों के बीच बकरी की सबसे छोटी नस्ल के पालन का चलन बढ़ा है. बकरी के इस नस्ल का नाम है नाइजीरियाई ड्वार्फ. यह दिखने में बेहद छोटी है, लेकिन मुनाफा देने के मामले में बकरियों के अन्य नस्लों के मुकाबले कहीं ज्यादा बेहतर है.
ऐसे करें पालन
इन बकरियों के लिए जिस बाड़े का आप निर्माण करते हैं, वह बेहद साफ सुथरा होना चाहिए. बाड़े में अच्छा वेंटिलेशन सिस्टम और रेशनी का प्रवाह होनी चाहिए. कोशिश करें कि बकरियों को पर्याप्त मात्रा में पौष्टिक आहार दें. उन्हें साग खिलाना बेहद फायदेमंद होता है. इसके अलावा इन बकरियों को पर्याप्त पानी पिलाएं.
प्रजनन क्षमता सबसे अधिक
नाइजीरियाई बौनी बकरियों में अन्य के मुकाबले प्रजनन क्षमता सबसे अधिक है. वे साल भर प्रजनन कर सकती हैं. एक बकरी औसतन 2 से 4 बच्चों को जन्म देती है. ये तकरीबन 6 से 7 महीने में परिपक्व हो जाते हैं और दूध देने लगते हैं.
कम लागत ज्यादा मुनाफा
नाइजीरियाई बौनी बकरियां बहुत मजबूत और कठोर जानवर हैं, और उन्हें आमतौर पर कम देखभाल की आवश्यकता होती है. इनके देखभाल के लिए किसानों को ज्यादा राशि नहीं खर्च करनी पड़ती है. यानी किसान कम लागत में ही इन बकरियों का पालन कर अच्छा मुनाफा हासिल कर सकते हैं.
दूध उत्पादन की क्षमता सबसे ज्यादा
Nigerian Dwarf Goat मांस और दूध उत्पादन के लिए बकरी की सबसे बेहतरीन नस्ल मानी जाती है. अन्य बकरियों के शरीर के आकार की तुलना में अत्यधिक दूध उत्पादक हैं. इसके अलावा बाजार में इसकी मांस भी अच्छी कीमतों पर बिकती है. किसान भाई इनका पालन कर हर महीने बंपर मुनाफा कमा सकते हैं.