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इस फसल की खेती से सिर्फ 40 दिनों में लागत से दो-तीन गुना ज्यादा मुनाफा, फलों से बनते हैं कई तरह के प्रोडक्ट

स्ट्रॉबेरी की फसल 40 से 50 दिनों में पूरी तरह से तैयार हो जाती है. फसल तैयार होने के बाद आप इसकी तुड़ाई कर सकते हैं. अगर सही तरीके से इसके पौधों की देखभाल की जाए तो निश्चित ही किसान एक एकड़ में तकरीबन  80 से 100 क्विंटल फलों का उत्पादन कर सकते हैं.

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Strawberry Cultivation
Strawberry Cultivation

Strawberry Cultivation: पारंपरिक फसलों की खेती में लगातार होते नुकसान को देखते हुए किसान अब मुनाफे वाली फसलों की तरफ तेजी से रुख कर रहे हैं. पिछले कुछ सालों में जिन फसलों की खेती को लेकर किसानों की दिलचस्पी बढ़ी है, उसमें स्ट्रॉबेरी की खेती भी शामिल है. इसकी खेती किसान पॉलीहाउस, हाइड्रोपॉनिक्स जैसे तकनीकों के सहारे कर सकते हैं. पहाड़ी क्षेत्रों के साथ-साथ अब मैदानी इलाकों में भी इसकी खेती बड़े पैमाने पर होने लगी है.

स्ट्राबेरी की खेती के लिए ये जलवायु उपयुक्त

स्ट्रॉबेरी की खेती के लिए 20 से 30 डिग्री का तापमान उपयुक्त माना जाता है. इसके लिए बलुई दोमट मिट्टी का चुनाव किया जाना चाहिए. हालांकि, इसकी खेती किसी भी प्रकार की मिट्टी पर की जा सकती है.  5.5 से 6.5 पीएच मान की मिट्टी इसकी खेती के लिए बेहतर है.  इसकी खेती के लिए सबसे पहले नर्सरी की तैयारी की जाती है, जो बुवाई से तीन-चार महीने पहले शुरू की जाती है. इसके बाद इसके पौधे को खेतों में लगा दिया जाता है.

40-50 दिनों में तैयार हो जाती है ये फसल

स्ट्रॉबेरी की फसल 40 से 50 दिनों में पूरी तरह से तैयार हो जाती है. फसल तैयार होने के बाद आप इसकी तुड़ाई कर सकते हैं. अगर सही तरीके से इसके पौधों की देखभाल की जाए तो निश्चित ही किसान एक एकड़ में तकरीबन 80 से 100 क्विंटल फलों का उत्पादन कर सकते हैं.

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कई तरह की बीमारियों में फायदेमंद

चिकित्सक कई तरह की बीमारियों में स्ट्रॉबेरी के सेवन की सलाह देते हैं. इसे विटामिन C, विटामिन A और K का काफी अच्छा स्रोत माना जाता है. इस फल से रूप निखारने और चेहरे में कील मुँहासे, आँखो की रौशनी में चमक के साथ दाँतों की चमक बढ़ाने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है.

दो से तीन गुना ज्यादा मुनाफा

स्ट्रॉबेरी के फल का प्रसंस्करण कर उससे किसान जैम, जूस, आइस्क्रीम, मिल्क-शेक, टॉफियां बनाकर अपना मुनाफा बढ़ा सकते हैं. इसके अलावा कई ब्यूटी प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनियां इसके फलों से सौंदर्य प्रसाधन की वस्तुएं बनाती हैं. एक एकड़ में स्ट्रॉबेरी की खेती में सब कुछ मिलाकर पौधे की कीमत से लेकर मरल्चिंग और ड्रिप इरिगेशन जैसी तकनीकों का उपयोग कर 2 से 3 लाख की लागत आ जाती है. बाजार में इसके फल काफी अच्छी कीमत पर बिकते हैं. एक अनुमान के मुताबिक, स्ट्राबेरी की खेती से किसान आराम से 6 से 9 लाख रुपये का मुनाफा 40 से 50 दिनों के अंतराल में कमा सकता है.

 

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