भारतीय परिवेश में मेहंदी की एक अहम जगह है. कई राज्यों में इसकी ठीक-ठाक खेती होती है. बालों को शाइनिंग देने के लिए लोग मेहंदी लगाना पसंद करते हैं. इसके अलावा हाथों में भी मेहंदी लगाई जाती है. हम आपको बताएंगे कि कैसे मेहंदी की खेती करने वाले किसान बढ़िया मुनाफा कमा सकते हैं.
इस तरह की जलवायु मेहंदी की खेती के लिए उपयुक्त
मेहंदी की खेती करने के लिए बलुई मिट्टी उपयुक्त है. साथ ही इसकी खेती पथरीली, लवणीय, क्षारीय हर तरह की भूमि पर भी हो जाती है. भूमि का पीएच मान 7.5 से 8.5 होना चाहिए. दरअसल, मेहंदी का पौधा शुष्क और उष्णकटिबंधीय हर तरह की जलवायु में अच्छी तरह विकास करता है.
क्या है मेहंदी की खेती करने का सबसे सही समय
मेहंदी की बुआई का सबसे सटीक समय फरवरी और मार्च के महीने में होता है. आप इसे सीधे बीजों द्वारा या इसके पौधे लगाकर खेती शुरू कर सकते हैं. खेत के अंदर मौजूद तमाम खरपतवार को उखाड़ कर फेंक दें. कल्टीवेटर से खेत में जुताई करने के बाद पाटा चला कर इसे समतल कर लें. इसके बाद मेहंदी की रोपाई करें.
मेहंदी की खेती से कम लागत में ज्यादा मनाफा
मेहंदी की खेती करने में ज्यादा लागत नहीं आती है. कम लागत में ज्यादा मुनाफा मिलता है. इसकी मांग पूरे समय रहती है. ग्राहक अपनी उपज को बड़ी-बड़ी कंपनियों को बेच सीधा मुनाफा कमा सकते हैं. इस फसल के खराब होने के चांसेस भी बहुत कम होते हैं. इससे किसानों को नुकसान भी नहीं होता है. औषधीय गुणों की वजह से मेहंदी की फसल जानवर भी नहीं खाते हैं.