scorecardresearch
 

Govt Scheme: बिहार के किसानों को चाय की खेती पर मिलेगी ढाई लाख रुपये की सब्सिडी, जानें कैसे करें आवेदन

Tea Farming: बिहार सरकार किसानों को चाय की खेती पर ढाई लाख रुपये की सब्सिडी दे रही है. चलिए जानते हैं आप कैसे ले सकते हैं इसका लाभ.

Advertisement
X
Tea Farming (File Photo)
Tea Farming (File Photo)

जब भी चाय की बात होता है तो आपके दिमाग में असम, गुवाहाटी, दार्जिलिंग और जम्मू-कश्मीर ही आता होगा. लेकिन इन राज्यों के अलावा अब बिहार में भी चाय की खेती की जा रही है. दरअसल, बिहार सरकार किसानों की आय को दोगुना करने के लिए उद्यानिकी और व्यापारिक फसलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए ढाई लाख तक की सब्सिडी दे रही है. यहां करीब 25,000 हेक्टेयर में चाय की खेती हो रही है.

किसानों की मदद के लिए सरकार दे रही सब्सिडी
भारत के अलग-अलग राज्यों में उगाई जाने वाली चाय पूरी दुनिया में फेमस है. असम, गुवाहाटी, दार्जिलिंग और जम्मू-कश्मीर में सबसे ज्यादा चाय की खेती की जाती है. इस चाय के दिवाने भारत के साथ-साथ विदेशों में भी हैं. अब चाय की खेती करने वाले राज्यों में बिहार राज्य का भी नाम जुड़ गया है. बिहार सरकार “विशेष उद्यानिकी फसल योजना” के तहत चाय के क्षेत्र का विस्तार करने के लिए किसानों को सब्सिडी दे रही है.

तेजी से बढ़ती जा रही चाय की डिमांड
बिहार में करीब 25,000 हेक्टेयर में चाय की खेती की जा रही है. इसके लिए चार जिलों को चयनित किया गया है. अगर आप इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं तो आपको जल्द से जल्द आवेदन करना होगा.

Advertisement

कितने प्रतिशत मिलेगी सब्सिडी?
विशेष उद्यानिकी फसल योजना के अंतर्गत बिहार उद्यानिकी विभाग द्वारा चाय की खेती के लिए किसानों को 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है. इसमें उद्यानिकी विभाग द्वारा चाय का खेती करने के लिए प्रति हेक्टेयर लागत 4 लाख 94 हजार रुपये इनपुट तय किया गया है. इस पर किसान को लागत की 50 प्रतिशत सब्सिडी यानी 2 लाख 47 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर दिया जाएगा. यह राशि किसानों को दो किस्तों में 75:25 अनुपात में दी जाएगी.

वहीं, इस योजना के तहत 150 हेक्टेयर में चाय की खेती करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. एक हेक्टेयर में चाय की खेती के लिए 15526 पौधों की जरूरत होगी. सरकार की ओर से इस योजना पर 9 करोड़ 49 लाख रुपये खर्च किए जाएगे.

बिहार के इन जिलों में की जाएगी खेती
इस योजना का लाभ बिहार के अररिया, सुपौल, पूर्णिया और कटिहार जिले के किसानों को मिलेगा. इन चार जिलों के किसान इस योजना का लाभ ले सकते हैं. इससे पहले अब तक बिहार के किशनगंज में चाय की खेती होती थी. किशनगंज के आसपास के जिलों को चाय के लिए बेहतर पाए जाने के बाद बिहार सरकार ने यह फैसला किया है. वहीं, कृषि विभाग ने इन चार जिलों में चाय की खेती का विस्तार करने की योजना तैयार की है. इसके साथ ही चाय की खेती करने वाले किसानों को न्यूनतम 0.1 हेक्टेयर और अधिकतम 4 हेक्टेयर के लिए सब्सिडी मिलेगी.

Advertisement

यहां कर सकते हैं आवेदन
अगर आप चाय की खेती के लिए सब्सिडी लेना चाहते हैं तो इसके लिए आप ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं. इसके लिए सबसे पहले बिहार उद्यानिकी विभाग के पोर्टल horticulture.bihar.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा. वहीं, इस योजना से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए नजदीकी जिले के सहायक निदेशक, उद्यान से भी संपर्क कर सकते हैं.

इस योजना के लाभार्थी किसानों को डीबीटी के माध्यम से अनुदान की राशि भेजी जाएगी. इसलिए किसानों को पहले डीबीटी का रजिस्ट्रेशन करवाना होगा. 13 संख्या के डीबीटी नंबर के लिए किसानों को इस लिंक https://dbtagriculture.bihar.gov.in/ पर रजिस्ट्रेशन करना होगा.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement