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वकील का कमाल! घर की छत पर उगाया थाईलैंड का सेब, बताया क्यों शुरू की खेती

परितोष घोष पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी के रहने वाले हैं. वह पेशे से वकील हैं. उन्होंने चार साल पहले इस रूफटॉप गार्डन की शुरुआत की और करीब तीन साल पहले थाईलैंड की सेब की किस्म उगाना शुरू किया. उन्होंने सेब के एचआरएमएन99 किस्म का बीज ऑनलाइन मंगाया था.

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Apple farming
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पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी के रहने वाले परितोष घोष पेशे से वकील हैं. इन दिनों वह अपने क्षेत्र में लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हो रहे हैं. इस लोकप्रियता की नवजह उनकी वकालत से इतर खेती को लेकर उनका प्रयोग है. दरअसल, परितोष ने अपने छत के बगीचे पर सेब की ऐसी किस्म उगाई है जो सिर्फ थाईलैंड में होती है. सेब के इस किस्म का नाम HRMN99 है. इसकी  खास बात ये है कि इसके एक पेड़ पर तकरीबन 50 के करीब सेब लगते हैं.

चार सहले पहले शुरू की थी रूफटॉप गार्डनिंग

परितोष घोष सिलीगुड़ी के कॉलेज पारा के रहने वाले हैं. वह पेशे से वकील हैं. उन्होंने चार साल पहले इस रूफटॉप गार्डन की शुरुआत की और करीब तीन साल पहले थाईलैंड की सेब की किस्म उगाना शुरू किया. उन्होंने सेब के एचआरएमएन99 किस्म का बीज ऑनलाइन मंगाया था. अब वह सफल तरीके से सेब के इस किस्म की खेती कर रहे हैं.

उच्च तापमान पर भी उग सकता है सेब की ये किस्म

परितोष के मुताबिक पेड़ नवंबर से जनवरी के दौरान फल लगते हैं. उन्हें तीन वर्ष में तीन बार फल मिले. आमतौर पर सेब पहाड़ी इलाकों में उगते हैं, लेकिन सेब की यह किस्म सिलीगुड़ी में भी इस उच्च तापमान में भी उगती है. इसे बस थोड़ी देखभाल की जरूरत है.

सेब के अलावा इन फलों की भी करते हैं खेती

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परितोष केवल सेब ही नहीं बल्कि पॉमेलो, कैम्बोला, जंबो ड्रैगन फ्रूट जैसे पौधों को भी उगाया है. शुरुआत में उन्होंने शौक के तौर पर इन फलों की खेती करनी शुरू की थी. अब वह अन्य किसानों तक भी इन पौधों की खेती पहुंचाना चाहते हैं. वह बताते हैं कि उन्हें बचपन से ही पौधे लगाने का बेहद शौक था. इसलिए यह रूफटॉप गार्डन बनाया.

किसानों को देना चाहते हैं ट्रेनिंग

परितोष घोष आगे कहते हैं कि मैं किसानों को यह संदेश देना चाहते हैं कि टब में भी फल उगाना संभव है. फलों की खेती का एक वैकल्पिक तरीका बनाने के लिए मैं उन संगठनों से संपर्क करने की योजना बना रहा हूं जो खेती पर किसानों को प्रशिक्षण देते हैं. मैं उन्हें इस सेब उगाने की प्रक्रिया पर किसानों को प्रशिक्षण प्रदान करना चाहता हूं.

(सिलीगुड़ी से जॉयदीप बाग की रिपोर्ट)

 

 

 

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