उत्तर भारत के राज्यों में पराली जलाने को लेकर इस बार सरकारें सख्त नजर आ रही हैं. हरियाणा, पंजाब में पराली जलाने वाले किसानों से जुर्माना वसूला जा रहा है. यूपी में भी बड़े स्तर पर इस मामले में कार्रवाई हो रही है. प्रदेश के फतेहपुर जिले मे 26 स्थानों पर पराली जलती मिली. ये सभी किसान सैटेलाइट निगरानी के जरिए पराली जलाते हुए पकड़े गए. इनसे 27 हजार रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला गया.
16 हार्वेस्टर मशीनों को किया गया सीज
बिना एसएमएस लगाए धान काट रहे 16 हार्वेस्टर मशीनों को सीज भी किया गया है. वहीं राजस्व टीम व कृषि विभाग की संयुक्त टीम द्वारा प्रत्येक ग्राम सभाओं में चौपाल के माध्यम से किसानों को पराली न जलाने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है. साथ ही कृषि विभाग द्वारा पराली दान करने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है. पराली को सड़ाने के लिए किसानों को मुफ्त वेस्ट डी-कंपोजर वितरित किया जा रहा है.
प्रदूषण के स्तर में लगातार हो रहा है इजाफा
बता दें कि दिवाली के बाद उत्तर भारत के तमाम शहरों में प्रदूषण का स्तर बढ़ चुका है. किसानों द्वारा पराली जलाने के बाद इसमें और इजाफा हो रहा है. दिल्ली-एनसीआर में लगातार कई दिनों से AQI 300 के पार है. ऐसी स्थिति में किसानों को पराली नहीं जलाने के लिए जागरूक किया जा रहा है.
हरियाणा सरकार ने लिए ये फैसले
हरियाणा सरकार ने किसानों से एमएसपी पर पराली खरीदने की घोषणा कर दी है. इसके अलावा पराली नहीं जलाने वाले किसानों को 1 हजार रुपये प्रति एकड़ दिए जा रहे हैं. वहीं, किसानों को धान के फानों को जमीन में दबाने की प्रकिया सिखाई जा रही है. इससे जमीन की उर्वरा शक्ति भी बढ़ेगी.
(फतेहपुर से नितेश श्रीवास्तव की रिपोर्ट)