Coconut farming profit: भारत में नारियल के फल का काफी महत्व है. इसके उत्पादन में भारत पहले स्थान पर है. धार्मिक अनुष्ठानों से लेकर खाने-पीने तक में इसका उपयोग होता है. कई तरह की बीमारियों में भी नारियल का सेवन असरदार है. बता दें कि एक बार नारियल लगा देने के बाद 80 वर्ष तक ये पेड़ फल देता है.
नारियल की खेती में मेहनत भी कम लगती है. इसमें ज्यादा खर्चा भी नहीं होता और कम लागत से आप सालों तक लाखों की कमाई कर सकते है. नारियल के पेड़ का प्रत्येक हिस्सा किसी न किसी रूप में उपयोग किया जाता है. इसका पानी बहुत की पौष्टिक होता है. वहीं इसका गूदा खाने के काम आता है.
ध्यान रखें ये बाते
नारियल की खेती के लिए बलुई मिट्टी की जरूरत होती है. काली और पथरीली जमीन पर इसकी खेती नहीं की जा सकती. ध्यान रखें जिस भी जगह इसकी खेती हो रही हो वहां जलनिकासी की व्यवस्था बढ़िया होनी चाहिए. इसके पेड़ों के विकास और फलों के पकने के लिए गर्म मौसम सबसे उपयुक्त माना जाता है. वहीं बरसात के मौसम में इसकी खेती करना सबसे सही माना जाता है.
इसके पौध की सिंचाई 'ड्रिप विधि' के माध्यम से की जाती है. 'ड्रिप विधि' से पौधे को उचित मात्रा में पानी मिलता है और इसकी अच्छी पैदावार होती है. ज्यादा पानी से नारियल का पौध मर भी सकता है. नारियल के पौधों की जड़ में शुरुआत में हल्की नमी की जरूरत होती है.
कमा सकते हैं बंपर मुनाफा
नारियल का पौधा 4 साल में फल देने लगता है. जब इसके फल का रंग हारा हो जाता है तो इसे तोड़ लिया जाता है. इसके फल को पकने में 15 महीने से ज्यादा समय लगता है. फल पेड़ से तोड़ने के बाद पकाया जाता है. बता दें बाजार में एक नारियल 60 रुपये के आसपास बिकता है. ऐसे में किसान आराम से एक एकड़ में इसकी बुवाई कर लाखों का मुनाफा कमा सकता है.