
Flowers prices hike: बच्चे के जन्म से लेकर मृत्यु तक हर संभव घटना में फूलों का उपयोग किया जाता है. मंदिर, विवाह, राजनीतिक घटना, मृत्यु इन सभी जगहों पर ताजे फूलों की आवश्यकता होती है. इसी बीच चेन्नई में फूल की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिसके चलते लोगों को शादी के इस मौसम में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
चेन्नई में फूलों की कीमत बहुत तेजी से बढ़ रही है. कोयम्बेडु थोक फूल बाजार के अध्यक्ष एस रविचंद्रन ने बताया कि चमेली जो पहले 100 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेची जाती थी, अब 1000 रुपये से 2000 रुपये प्रति किलो बिक रही है. चंपक जो 20 से 30 रुपये प्रति किलो बिकता था वह अब 250 रुपये प्रति किलो बिक रहा है.
रविचंद्रन ने कहा कि गुलाब जो 20-30 रुपये बिकता था अब 250 रुपये से 300 रुपये प्रति किलो मिल रहा है. ज्योतिका गुलाब का एक गुच्छा 70 से 150 रुपये में मिलता था लेकिन अब यह 500 रुपये प्रति गुच्छा बिक रहा है. फूलों की कीमत के चलते माला की कीमतों में भी उछाल हुआ है. गुलाब से बनी माला को पहले 400 रुपये में बेचा जाता था, अब उसका रेट बहुत हाई हो गया है.
उन्होंने बताया कि पहले जहां एक टन फूल बाजार में आता था, वहां अब मात्र 100 किलो से 300 किलो ही बाजार तक पहुंच पा रहा है. इसका मुख्य कारण बारिश है.

30 साल से फूलों का बिज़नस कर रहे वेंकटेश ने कहा ने कहा कि शादियों का सीजन आ गया है. ऐसे में लोग इतने महंगे फूल खरीदने के लिए मजबूर हैं. मार्केट में सिर्फ 30 % फूल ही आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि यही स्थिति बेंगलुरु और हैदराबाद में भी है. अधिक कीमत के कारण लोग कम मात्रा में फूल खरीद रहे हैं. मौजूदा स्थिति के कारण हमें भी बड़ा नुकसान हो रहा है.
बाजार में आए ग्राहक अरुलमोझी ने कहा, "फूलों की दर बहुत अधिक है और व्यापारी हमें बता रहे हैं कि ज्यादातर फूल बारिश के कारण खराब हो गए हैं. फूलों के लिए इतनी ऊंची कीमत वहन करना वास्तव में मुश्किल है, लेकिन हम पूजा में फूल चढ़ाने हैं, ऐसे में हमें इन्हें खरीदना ही होगा."
व्यापारियों ने बताया कि आयुध पूजा के पीक फेस्टिवल सीजन में भी फूल 150 रुपये में ही बिक रहे थे, लेकिन अब कच्चे माल की कमी के चलते इसे पांच-छह गुना दाम पर बेचा जा रहा है. व्यापारियों का कहना है कि ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का भी बाजार पर असर पड़ा है.
रविचंद्रन ने कहा, "पहले हम पास के मंदिरों में फूल पहुंचाते थे, लेकिन अब वह विकल्प भी खत्म हो गया है क्योंकि ईंधन की कीमतों के चलते कम मात्रा में फूल पहुंचाना मुश्किल होता हैं. पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के चलते परिवहन शुल्क भी बढ़ गया है.
बाजार में आए एक अन्य ग्राहक रमेश ने कहा, "हमारे यहां शादी है और हमें किसी भी कीमत पर फूल खरीदने ही होंगे. हमारे पास ज्यादा विकल्प नहीं हैं. पहले जो माला 1200-1500 रुपये में मिलती थी अब वह 2500 रुपये की है. चेन्नई मार्केट में फूल डिंडीगुल में नीलाकोट्टई, इरोड में सत्यमंगलम और कुछ तिरुवल्लूर से आते हैं. यह सभी क्षेत्र हाल की बारिश से प्रभावित हुए हैं और फूलों की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है.''
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