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अब बर्बाद नहीं होगा अनाज, अन्‍न भंडारण योजना को मंजूरी, 1 लाख करोड़ रुपये होंगे खर्च

इस योजना में पैक्‍स के स्‍तर पर भंडारण गृह, कस्‍टम हायरिंग सेंटर्स, प्रसंस्‍करण इकाई जैसी कई कृषि अवसंरचनाएं बनाई जाएंगी. इसके लिए सहकारिता मंत्रालय देश के विभिन्‍न राज्‍यों के कम से कम 10 चुने हुए जिलों में एक पायलट परियोजना चलाएगा

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Anna bhandaran scheme
Anna bhandaran scheme

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने  ”सहकारिता के क्षेत्र में विश्‍व की सबसे बड़ी अन्‍न भंडारण योजना" को मंजूरी दे दी है. इसके लिए एक अंतर-मंत्रालयीय समिति (आईएमसी) के गठन को मंजूरी दी है. साथ ही इसके लिए 1 लाख करोड़ रुपये की राशि भी आंवटित की गई है. इस समिति में कृषि और किसान कल्‍याण मंत्री, उपभोक्‍ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री, खाद्य प्रसंस्‍करण उद्योग मंत्री और संबंधित मंत्रालयों के सचिव, सदस्‍य के रूप में शामिल होंगे.

इस योजना में पैक्‍स के स्‍तर पर भंडारण गृह, कस्‍टम हायरिंग सेंटर्स, प्रसंस्‍करण इकाई जैसी कई कृषि अवसंरचनाएं बनाई जाएंगी. इसके लिए सहकारिता मंत्रालय देश के विभिन्‍न राज्‍यों के कम से कम 10 चुने हुए जिलों में एक पायलट परियोजना चलाएगा. इस दौरान देश में भंडारण के इन्फ्रास्ट्रक्चर की कमियों को दूर किया जाएगा. साथ ही देश की भंडारण क्षमता को भी बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा.

देश की भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए किया जा रहा है

इस योजना के तहत पैक्‍स के स्‍तर पर इन्फ्रास्ट्रक्चर को और आधुनिक बनाया जाएगा. भंडारण क्षमता बढ़ाया जाएगा. इससे  खाद्यान्‍नों की बर्बादी में कमी आएगी. देश में खाद्य सुरक्षा मजबूत होगी. किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्‍य प्राप्‍त हो सकेगा. साथ ही प्राथमि‍क कृषि क्रेडिट समितियों (PACS) में कृषि और संबंधित उद्देश्यों के लिए गोदामों का निर्माण किया जाएगा. पैक्स एक सहकारी समिति है. किसानों को सस्ते ब्याज पर कर्ज, खाद, बीज,दवाइयां,उपलब्ध होती हैं. अब इसका दायरा बढ़ाया जा रहा है. 

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देश में तकरीबन  1,00,000 पैक्स संस्थाएं

देश में लगभग 1,00,000 प्राथमिक कृषि क्रेडिट समितियां (पैक्‍स) हैं जिनके सदस्य देश के 13 करोड़ से भी अधिक किसान हैं. भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था के कृषि और ग्रामीण परिदृश्‍य को जमीनी स्‍तर पर बदलने और उनकी ज़मीनी स्तर तक गहरी पहुंच का लाभ लेने के लिए पैक्‍स के स्‍तर पर विकेन्‍द्रीकृत भंडारण क्षमता के साथ-साथ अन्‍य कृषि इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण के लिए यह पहल की गई है जिससे न केवल देश की खाद्य सुरक्षा मजबूत होगी बल्कि पैक्‍स भी एक वायब्रेंट आर्थिक संस्था के रूप में काम कर सकेंगे.

45 दिनों के भीतर शुरू होगा पोर्टल

सरकार के नोटिफिकेशन के मुताबिक एक मंंत्रीमडलीय एक सप्‍ताह के भीतर राष्‍ट्रीय स्‍तर की समन्‍वय समिति का गठन किया जाएगा. मंत्रिमंडलयीय मंज़ूरी के 15 दिनों के भीतर कार्यान्‍वयन दिशानिर्देश जारी कर दिए जाएंगे।.मंत्रिमंडलयीय मंज़ूरी के 45 दिनों के भीतर पैक्‍स को भारत सरकार और राज्‍य सरकारों के साथ लिंक करने के लिए एक पोर्टल शुरू किया जाएगा.  मंत्रिमंडलयीय मंज़ूरी के 45 दिनों के भीतर प्रस्‍ताव पर काम शुरू हो जाएगा.


 

 

 

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