
दिल्ली के जामा मस्जिद के उर्दू बाजार में बकरों का मेला लगा हुआ है. बकरीद के नजदीक आते ही ये बाजार बकरों की मंडी में तब्दील हो जाता है. इन दिनों बकरे का व्यवसाय करने वाले इस मेले से अच्छा-खासा मुनाफा ले जाते हैं.
एक से बढ़कर एक बकरों के नस्ल
मीना बाजार में इन दिनों एक से बढ़कर एक बकरों की नस्लें देखने को मिल रही हैं. यहां आसपास के दूसरे राज्यों से भी लोग अपने बकरों की बिक्री के लिए पहुंचे हैं. उत्तर प्रदेश के अमरोहा के रहने वाले वाजिद अली पिछले एक साल से इस मेले का इंतजार कर रहे थे. उनके पास दो बकरे थे. दोनों बकरों को उन्होंने काफी मेहनत और लगन से पाला-पोसा है. वह अपने बकरे को मेवा खिलाते हैं.

वाजिद अली के बकरों का रेट 1 लाख 30 हजार
वाजिद अली ने बकरे का रेट एक लाख 30 हजार रखा है. उनके बकरे को ग्राहक खूब देखने आ रहे हैं. हालांकि, अभी तक ये बकरा बिक नहीं पाया है. वाजिद अली का कहना है कि बकरा पालने में ही वह अब तक 1 लाख रुपये से ज्यादा खर्च कर चुके हैं. अगर इस महंगाई में भी उन्हें अच्छे रेट ना मिले तो क्य़ा फायदा. 1 लाख 30 हजार से नीचे वह अपने बकरे की बिक्री नहीं करेंगे.
इस बार ढाई लाख रुपये तक में बिके हैं बकरे
उर्दू बाजार में लगे बकरों के मेले में खरीदारों की खूब भीड़ जमा हो रही है. ग्राहक अपनी क्षमता के अनुसार खरीदारी कर रहे हैं. इस बाजार में इस बार ढाई लाख तक के बकरे भी बिके हैं. बकरीद नजदीक आ रहा है. ऐसे में ग्राहकों को लग रहा है कि अंत में बकरा खरीदना उन्हें सस्ता पड़ेगा. हालांकि, इसकी गुंजाइश कम लग रही है.
(दिल्ली से आनंद कुमार की रिपोर्ट)