अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच यह युद्ध ईरान के परमाणु कार्यक्रम के बहाने से शुरू हुआ था लेकिन अब यह वॉटर वॉर यानी पानी के लिए संघर्ष की दिशा में बढ़ रहा है. यदि यह युद्ध पानी के संसाधनों पर केंद्रित हो जाता है, तो इस क्षेत्र का हाल बुरा हो सकता है और तेल के साथ-साथ पानी की किल्लत भी बढ़ जाएगी.