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China का ड्रोन और Pakistan का प्लान, Panjshir पर ऐसे कब्जा कर सका ताल‍िबान

China का ड्रोन और Pakistan का प्लान, Panjshir पर ऐसे कब्जा कर सका ताल‍िबान

पाकिस्तान की मदद से पंजशीर में तालिबानी लड़ाके 23 दिन बाद किसी तरह दाखिल हो सके. पंजशीर घाटी पर तालिबान के कब्जे की स्क्रिप्ट कैसे पाकिस्तान में लिखी गई, कैसे आधी रात पाकिस्तान ने चोरी-छुपे पंजशीर में बम बरसाए. बड़ी बात ये है कि पंजशीर पर हवाई हमले से पहले पाकिस्तानी एयरपोर्स ने अफगानिस्तान से सटे बलूचिस्तान में अपने सैटेलाइट एयरबेस को सक्रिय किया था. इतना ही नहीं, पाकिस्तान ने भारत से लगती सीमाओं के करीब कोटली और रावलकोट में अपने सैटेलाइट बेस को भी एक्टिव किया था. मकसद साफ था तालिबान की मदद के लिए पंजशीर पर हवाई हमले करना. वैसे पाकिस्तान पहले दिन से तालिबान की मदद कर रहा है, उसी तालिबान की जिसका जन्म भी पाकिस्तान के एक मदरसे में हुआ था. तालिबानी लड़ाकों की ट्रेनिंग में पाकिस्तानी सेना का बड़ा रोल रहा है. देखें ये वीडियो.

With the help of Pakistan, Taliban fighters could somehow enter Panjshir after 23 days. Pakistan has been accused of deploying armed drones to support the Taliban assault in the Panjshir valley. The Taliban had claimed on Monday that it had taken complete control of the Panjshir valley. Panjshir was bombed by Pakistani Air Force drones using smart bombs, but the NRF denied the claim. Pakistani Air Force had activated its satellite airbase in Balochistan, adjacent to Afghanistan. Not only this, but Pakistan had also activated its satellite base in Kotli and Rawalkot, close to the borders with India. The motive was clear to carry out airstrikes on Panjshir to help the Taliban. By the way, Pakistan has been helping the Taliban since day one. Watch this video.

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