पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने डोनाल्ड ट्रंप को 'शांति का सबसे बड़ा दूत' बताया है. इसके बाद यह प्रश्न उठ रहा है कि क्या यह भारत के साथ बातचीत की एक रणनीति है. भारत का संदेश है कि पाकिस्तान के साथ सिर्फ आतंकवाद और पीओके पर बातचीत होगी, जैसा कि कहा गया, 'अगर बात होगी तो सिर्फ पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की पीओके की'.