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भारत-चीन विवाद: जानें क्यों अहम है राजनाथ सिंह का रूस दौरा

भारत-चीन विवाद: जानें क्यों अहम है राजनाथ सिंह का रूस दौरा

सोमवार सुबह गगनयान की तरफ बढते रक्षामंत्री के एक-एक कदम को कामयाबी की तरफ बढ़ते किसी कदम के तौर पर देख सकते हैं आप. कामयाबी चीन के हेराफेरी और हिकारत को भारत के सबसे पुराने मित्र रुस के सामने उजागर करने की. इसी मिशन पर उड़ चले हैं देश के रक्षा मंत्री. दुनिया में चीन के बांटे कोरोना वायरस की वजह से सारी विदेश यात्राएं ठप्प थीं, ठप्प पूरी दुनिया ही थी, बस चीन दुनिया के रुकने को अपने आगे झुकना समझ बैठा था, खासकर भारत को, LAC पर भारी बवाल काटकर उसने भारत को और दुनिया को युद्ध के मुहाने पर ला खड़ा किया है. चीन की धुर्त नीति और कालिख जैसी कूटनीति को रुस में उजागर करेंगे विदेश मंत्री. सोवियत रुस के जमाने से ही भारत के मास्को से संबंध बुलंद रहे हैं, रुस से संबंध चीन के भी अच्छे हैं. मगर भारत जब चीन को रुस के बारे में बताएगा तो उसका असर लाजिमी है, रुस अभी तक अमेरिका से चीन की चालबाजियों और कारस्तानियों की दास्ताने सुनता रहा है और उसे नजरअंदाज करता रहा है, लेकिन अब नहीं- अब उसे सुनना पड़ेगा, अगर रुस चीन से जरा भी वक्री हुआ तो समझिए चीन की खटिया खड़ी हो जाएगी. देखें ये रिपोर्ट.

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