पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. इसके असर से दुनियाभर में तेल और गैस का संकट गहराने लगा है. खासतौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बाधा आने से दबाव और बढ़ गया है. भारत के भी कई तेल-गैस से लदे जहाज इस मार्ग में फंसे हुए हैं
इस बीच, एलपीजी आपूर्ति को लेकर राहत की खबर सामने आई है. न्यू मेंगलोर पोर्ट पर एक विशाल एलपीजी कैरियर ‘अपोलो ओशन’ पहुंचा है. वियतनाम के झंडे वाला यह जहाज 17,600 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर आया है, जिससे आपूर्ति को लेकर बनी चिंताओं में काफी राहत मिली है
कतर से गुजरात के वडीनार बंदरगाह होते हुए ईंधन लाने वाला यह टैंकर आज सुबह बंदरगाह पर पहुंचा.
5 देशों को रास्ता दिया जाएगा: ईरान
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह बंद नहीं है और भारत समेत 5 मित्र देशों के जहाजों को सुरक्षित मार्ग दिया जाएगा. इस घोषणा से उम्मीद जगी है कि भारतीय झंडे वाले तेल-गैस जहाज जल्द ही भारत पहुंच सकेंगे, जिससे सप्लाई में सुधार होगा और जंग के चलते आए संकट में काफी मदद मिलेगी.
ईरान ने भारत, चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान के जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की अनुमति देने का फैसला किया है. विदेश मंत्री अराघची के इस ऐलान को जारी तनाव के बीच राहत भरी खबर के तौर पर देखा जा रहा है.
ईरान ने जंग खत्म करने की रखी 5 शर्तें
ईरान ने जंग खत्म करने के लिए पांच शर्तें रखी हैं. इनमें सबसे पहले दुश्मन की ओर से सभी हमलों और हत्याओं को पूरी तरह रोकने की मांग की गई है. इसके साथ ही ईरान चाहता है कि ऐसा ठोस मैकेनिज्म तैयार किया जाए, जिससे भविष्य में उस पर दोबारा युद्ध न थोपा जा सके.
ईरान ने युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई और मुआवजे के भुगतान के लिए स्पष्ट और गारंटीयुक्त व्यवस्था की भी मांग की है. ईरान ने यह भी कहा है कि पूरे क्षेत्र में सक्रिय सभी मोर्चों और प्रतिरोधी समूहों के लिए युद्ध का पूर्ण समापन सुनिश्चित किया जाए. इसके अलावा, होर्मुज पर अपने अधिकार के प्रयोग को लेकर ईरान के संप्रभु अधिकार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता और गारंटी देने की बात भी कही है.