लैटिन अमेरिका में तनाव अपने चरम पर है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को हिरासत में ले लिया है. ट्रंप के मुताबिक, कराकस पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए गए, जिसके बाद इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया. इस दावे से कुछ घंटे पहले वेनेजुएला की राजधानी कराकस में कई जोरदार धमाके सुने गए थे.
चीनी डेलिगेशन से मिले थे मादुरो
जानकारी के मुताबिक, अमेरिकी हवाई हमलों से ठीक कुछ घंटे पहले, शनिवार देर रात मादुरो ने चीन के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की थी. इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व चीन के लैटिन अमेरिका और कैरेबियाई मामलों के विशेष दूत किउ श्याओछी (Qiu Xiaoqi) कर रहे थे, जो राष्ट्रपति शी जिनपिंग का प्रतिनिधित्व कर रहे थे.
इस बैठक में वेनेजुएला में चीन के राजदूत लान हू, चीनी विदेश मंत्रालय के लैटिन अमेरिका और कैरेबियाई विभाग के निदेशक लिउ बो, उप निदेशक वांग हाओ और क्षेत्रीय अटैची लिउ शेन समेत कई वरिष्ठ चीनी अधिकारी मौजूद थे. हालांकि बैठक में मादुरो और चीनी डेलिगेशन के बीच किन मुद्दों पर बात हुई यह अभी सामने नहीं आया है.
प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरी जानकारी देंगे ट्रंप
ट्रंप ने शनिवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर कहा कि अमेरिका ने वेनेजुएला और उसके नेतृत्व के खिलाफ एक बड़ा सैन्य हमला सफलतापूर्वक अंजाम दिया है. उन्होंने दावा किया कि इस कार्रवाई में मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लिया गया और उन्हें देश से बाहर ले जाया गया. यह ऑपरेशन अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर चलाया गया. ट्रंप ने कहा कि इस पूरे अभियान की जानकारी वह अमेरिका के समयानुसार सुबह 11 बजे मार-ए-लागो में होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस में साझा करेंगे.
एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि कराकस में मादुरो और उनकी पत्नी से जुड़े इस ऑपरेशन में किसी भी अमेरिकी सैनिक को कोई नुकसान नहीं पहुंचा और मिशन पूरी तरह योजना के अनुसार सफल रहा.
डेल्टा फोर्स ने मादुरो को पकड़ा
अमेरिकी मीडिया के मुताबिक, मादुरो को शनिवार तड़के अमेरिकी सेना की विशेष मिशन यूनिट डेल्टा फोर्स ने पकड़ा. अधिकारियों के हवाले से बताया गया कि यह ऑपरेशन सुबह के शुरुआती घंटों में किया गया, हालांकि इसकी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है. डेल्टा फोर्स वही यूनिट है जिसने साल 2019 में इस्लामिक स्टेट के सरगना अबू बकर अल बगदादी को मार गिराने वाला ऑपरेशन चलाया था.