Middle East War अमेरिका इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग को 21दिन पूरे हो चुके हैं और अभी भी इसके खत्म होने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं. इजरायल के बाद अब ट्रंप ने भी दो टूक कह दिया है कि हम युद्ध जीत रहे हैं तो इसे खत्म करने का सवाल ही नहीं उठता है. इससे पहले नेतन्याहू ने कहा था इस ऑपरेशन की कोई तय समयसीमा नहीं है और यह अभियान “जब तक आवश्यक होगा” तब तक जारी रहेगा.
इस बीच ब्रिटेन ने यू टर्न लेते हुए अपने सैन्य बेस अमेरिका को देने का फैसला किया है. इज़रायली हमलों के बाद ईरान द्वारा खाड़ी देशों के तेल और गैस प्रतिष्ठानों पर जवाबी कार्रवाई से अहम आपूर्ति मार्ग बाधित हुए हैं और वैश्विक तेल कीमतों में तेज उछाल आया है और गैस का संकट भी बन गया है. पढ़ें युद्ध से जुड़ी हर अपडेट
न्यूज एजेंसी AP अनुसार, ईरान अपनी बैलिस्टिक मिसाइलों की मारक क्षमता बढ़ाने के लिए 'सिमोरघ' रॉकेट तकनीक का उपयोग कर सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि इस अंतरिक्ष प्रक्षेपण प्रणाली से ईरान डिएगो गार्सिया जैसे दूर स्थित सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाने की क्षमता हासिल कर सकता है. हालांकि, इससे मिसाइलों की सटीकता पर असर पड़ सकता है, लेकिन बढ़ते तनाव के बीच यह ईरान की बड़ी रणनीतिक चुनौती मानी जा रही है.
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार शाम ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत की. जयशंकर ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि उन्होंने ईरानी समकक्ष को नवरोज और ईद की बधाई देने के साथ ही युद्ध के ताजा घटनाक्रमों पर चर्चा की. दोनों नेताओं के बीच संघर्ष के व्यापक क्षेत्रीय प्रभावों और सुरक्षा चुनौतियों को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ. भारत क्षेत्र में शांति बहाली की कोशिशों पर लगातार नजर बनाए हुए है.
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष माइक जॉनसन ने दावा किया है कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान अपने अंतिम चरण में है. न्यूज ऐजेंसी AP के अनुसार, जॉनसन ने कहा कि बैलिस्टिक मिसाइल केंद्रों और नौसैनिक ठिकानों जैसे प्रमुख लक्ष्यों को काफी हद तक तबाह कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरानी धमकियों के कारण मिशन लंबा खिंचा, लेकिन अब स्थिरता बहाल होते ही यह पूरा हो जाएगा.
मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच ईरान के अहवाज में भारी तबाही हुई है. अमेरिकी और इजरायली हमलों में रितज मनोरंजन परिसर और इमाम अली अस्पताल को निशाना बनाया गया, जिससे अस्पताल में मरीजों की भर्ती रोकनी पड़ी है. इस गोलाबारी में एक मासूम बच्चे की जान चली गई है।.क्षेत्र में जारी संघर्ष के कारण अब तक 1300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें लेबनान और इजरायल समेत अमेरिकी सेना को भी भारी नुकसान हुआ है.
RT की रिपोर्ट के अनुसार, रूस ने ईरान के नतांज परमाणु केंद्र पर हुए हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है. रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने इसे 'अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन' करार दिया. उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी गैर-जिम्मेदाराना हरकतें पूरे मिडिल ईस्ट में बड़ी तबाही का खतरा पैदा कर सकती हैं, जिससे स्थिति काबू से बाहर हो सकती है.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दावा किया है कि हालिया हमलों में ईरान के 8,000 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया गया है, जिनमें 130 ईरानी जहाज भी शामिल हैं. केंद्रीय कमान के एक वरिष्ठ कमांडर अनुसार, इन आक्रामक हमलों से ईरान की युद्ध क्षमता में भारी गिरावट आई है. उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिकी सेना का अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक लक्ष्य पूरी तरह हासिल नहीं हो जाते.
इजरायली मीडिया के अनुसार, स्कॉटलैंड स्थित ब्रिटेन के बेहद सुरक्षित 'एचएम नेवल बेस क्लाइड' में घुसने की कोशिश के आरोप में एक ईरानी पुरुष और एक रोमानियाई महिला को पकड़ा गया है. पुलिस ने दोनों पर मामला दर्ज कर उन्हें हिरासत में ले लिया है. सोमवार को उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा. बता दें कि इसी बेस पर ब्रिटेन का परमाणु हथियारों से लैस पनडुब्बी बेड़ा तैनात रहता है.
ब्रिटेन ने डिएगो गार्सिया स्थित सैन्य बेस पर ईरान के मिसाइल हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है. हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि मिसाइलें बेस के कितने करीब पहुंचीं, लेकिन ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय ने इसे क्षेत्रीय शांति के लिए बड़ा खतरा बताया है. ब्रिटेन ने चेतावनी दी है कि ईरान का 'हिंसक हमला' करना और ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंधक बनाना कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शांति बोर्ड ने हमास के सामने निरस्त्रीकरण का एक लिखित प्रस्ताव रखा है. सूत्रों के मुताबिक, इसमें बताया गया है कि हमास किस तरह अपने हथियार डाल सकता है. यह कदम गाजा के भविष्य के लिए ट्रंप की योजना का हिस्सा है. हालांकि, हमास ने फिलहाल हथियार डालने से साफ इनकार कर दिया है, जिससे शांति की राह अब भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है.
मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर चरम पर है. ईरान के सबसे सुरक्षित और संवेदनशील माने जाने वाले नतांज परमाणु केंद्र पर एक भीषण हमला हुआ है. ईरानी मीडिया के मुताबिक, अमेरिका-इजरायल ने मिलकर इस साइट पर जबरदस्त बमबारी की है, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. हालांकि, इस भारी हमले के बीच राहत की एक बड़ी खबर भी सामने आई है.
मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का एक बयान सामने आया है. उन्होंने नौरोज के मौके पर ईरान का खुला समर्थन किया. उन्होंने कहा कि रूस ईरान का भरोसेमंद साझेदार है.
इनपुट: रॉयटर्स
अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा था कि अमेरिका समुद्र में मौजूद ईरानी तेल पर से प्रतिबंध हटा सकता है. इस पर ईरान के तेल मंत्रालय के प्रवक्ता ने साफ कह दिया कि ईरान के पास फिलहाल न तो समुद्र में कोई तेल है और न ही अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए कोई अतिरिक्त कच्चा तेल उपलब्ध है. पूरी खबर को यहां कल्कि कर पढ़ें - 'हमारे पास एक्स्ट्रा नहीं...', अमेरिका ने दी तेल बेचने की छूट तो ईरान ने दिखाया डोनाल्ड ट्रंप को आईना
ईरान-अमेरिका के बीच चल रहे जंग के चलते यूरोप में एक बार फिर एनर्जी संकट गहरा गया है. इससे यूरोपीय देशों में गैस भंडारण की सख्त जरूरतों पर दोबारा सोचने की मांग उठने लगी है. होर्मुज में सप्लाई बाधित होने और LNG के लिए बढ़ती कंपटीशन की वजह से गैस स्टोरेज भरना महंगा और अनिश्चित होता जा रहा है.
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यूनाइटेड एयरलाइंस अगले दो तिमाहियों में कई घाटे वाली उड़ानें बंद कर रही है. वजह है ईरान युद्ध के चलते जेट फ्यूल के दाम लंबे वक्त तक ऊंचे रहने का डर. कंपनी के CEO स्कॉट किर्बी ने स्टाफ को भेजे एक मेमो में कहा कि एयरलाइन तेल के 175 डॉलर प्रति बैरल तक जाने और 2027 के अंत तक 100 डॉलर से ऊपर बने रहने के लिए तैयारी कर रही है.
इनपुट: रॉयटर्स
दुबई के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि शहर के कई हिस्सों में जो आवाज़ें सुनाई दीं, वो एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा हवाई खतरे को सफलतापूर्वक नाकाम करने की वजह से थीं. अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि अपडेट के लिए सिर्फ आधिकारिक सूत्रों पर ही भरोसा करें.
शनिवार तड़के बेरूत में धमाके हुए. इजरायली सेना ने कहा कि उसने लेबनानी राजधानी में हिज़्बुल्लाह के ठिकानों पर हमले किए. हमले से पहले इजरायल ने बेरूत के दक्षिणी इलाकों में रहने वालों को चेतावनी दी थी.
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक पिछले 24 घंटों में 20 लोगों की मौत हुई और 57 और लोग घायल हुए. अब तक कुल 2,641 लोग ज़ख्मी हो चुके हैं.

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट का रास्ता एक वक्त पर खुद ही खुल जाएगा. उन्होंने कहा कि ईरान "सैन्य लिहाज से खत्म हो चुका है" लेकिन फिर भी वो इस रास्ते को "जाम कर रहा है.
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ईरान ने कहा है कि जापान के जहाज होर्मुज़ सकते हैं. इसी बारे में दोनों देशों के बीच बातचीत भी शुरू हो गई है. ये जानकारी ईरान के विदेश मंत्री ने दी है.
इनपुट: रॉयटर्स
अमेरिका ने ईरानी तेल को लेकर बड़ा फैसला लिया है. अमेरिका ने 30 दिन के लिए ईरान तेल पर सैंक्शन ढीले कर दिए हैं. यानि अमेरिका ने ईरानी तेल की सप्लाई का रास्ता खोल दिया है. पूरी खबर को यहां क्लिक कर पढ़ें - जंग के बीच अमेरिका का यू-टर्न... 30 दिन के लिए ईरान तेल पर सैंक्शन ढीले, बाजार को राहत
वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने शनिवार को हिंद महासागर में स्थित अमेरिका और ब्रिटेन के संयुक्त सैन्य बेस 'डिएगो गार्सिया' पर दो मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं. मध्य पूर्व की सीमाओं से दूर किसी अमेरिकी ठिकाने पर ईरान का यह अब तक का सबसे बड़ा और दुर्लभ हमला माना जा रहा है. अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया गया है कि ईरान द्वारा दागी गई दोनों मिसाइलें अपने लक्ष्य तक पहुंचने में विफल रहीं.
अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बेहद महत्वपूर्ण घोषणा की है' ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर पोस्ट करते हुए कहा कि अमेरिका मध्य पूर्व में अपने सैन्य उद्देश्यों को पूरा करने के बहुत करीब है और अब वह अपने सैन्य अभियानों को 'समापन की ओर' ले जाने पर विचार कर रहा है' हालांकि, उन्होंने साफ कर दिया कि यह कोई 'सीजफायर' (युद्धविराम) नहीं है, बल्कि लक्ष्यों की प्राप्ति के बाद की अगली रणनीति है'
अमेरिका-इजरायल और ईरान में जारी जंग के बीच ईरान ने इजरायल के रिहायशी और रणनीतिक इलाकों पर मिसाइलों की नई झड़ी लगा दी है. शुक्रवार देर रात तेल अवीव और कब्जे वाले वेस्ट बैंक (West Bank) के ऊपर दर्जनों ईरानी मिसाइलें देखी गईं, जिससे पूरे क्षेत्र में सायरन गूंज उठे.
मध्य पूर्व में जारी युद्ध और आसमान छूती तेल की कीमतों के बीच अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने एक महत्वपूर्ण 'जनरल लाइसेंस' जारी किया है. इस नए आदेश के तहत, समुद्र में पहले से मौजूद ईरानी कच्चे तेल (Crude Oil) और पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री की अस्थायी अनुमति दी गई है. यह कदम वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता लाने और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए उठाया गया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' की सफलता का ऐलान करते हुए ईरान की सैन्य शक्ति को पूरी तरह ध्वस्त करने का दावा किया है.राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी और सहयोगी सेनाओं के भीषण प्रहारों ने तेहरान की रीढ़ तोड़ दी है और अब वह मुकाबला करने की स्थिति में नहीं बचा है. पढ़ें विस्तार से
उत्तरी इराक के सलाहुद्दीन प्रांत में स्थित तुज़ खुर्मातू जिले में शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात भारी हवाई हमले हुए हैं. सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, इन हमलों में इराक के सरकारी मान्यता प्राप्त अर्धसैनिक बल 'पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेस' (PMF) के 63वें ब्रिगेड के मुख्यालय को निशाना बनाया गया है.
ईरान और अमेरिका-इजरायल गठबंधन के बीच जारी युद्ध अब पड़ोसी देशों के लिए सीधा खतरा बन गया है. ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, तेहरान ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के शहर रास अल खैमाह (Ras Al Khaimah) को सीधे तौर पर निशाना बनाने की चेतावनी दी है. ईरान का आरोप है कि खाड़ी में स्थित उसके रणनीतिक द्वीपों (जैसे कि अबू मूसा और खार्ग द्वीप) पर होने वाले हमलों के लिए यूएई की धरती का इस्तेमाल किया जा रहा है.