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कोरोना संकट पर आखिरकार जागी संयुक्त राष्ट्र महासभा, 27 मार्च को ‘वर्चुअल’ ब्रीफिंग

UNGA अध्यक्ष तिजानी मोहम्मद बांदे ने इस संबंध में मंगलवार को सभी सदस्य देशों को मंगलवार को चिट्ठी भेजकर सूचित किया. ब्रीफिंग के लिए दो घंटे का समय निर्धारित किया गया है.

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कोरोना वायरस के कारण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई सुरक्षा परिषद् की बैठक (फाइल फोटो)
कोरोना वायरस के कारण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई सुरक्षा परिषद् की बैठक (फाइल फोटो)

  • कोरोना वायरस के खतरे के बीच UNSC की बैठक
  • भारतीय समयानुसार 27 मार्च 7.30 बजे शाम बजे बैठक

कोरोना वायरस महामारी से पेश आई चुनौतियों पर चर्चा करने के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने 27 मार्च सुबह 10 बजे (7.30 बजे शाम भारतीय समयानुसार) ‘वर्चुअल ब्रीफिंग’ बुलाई है. महासभा में 193 सदस्य देश हैं. महासभा की ओर से कोरोना वायरस संकट को लेकर ये पहला अहम कदम उठाया गया है.

UNGA अध्यक्ष तिजानी मोहम्मद बांदे ने इस संबंध में मंगलवार को सभी सदस्य देशों को मंगलवार को चिट्ठी भेजकर सूचित किया. ब्रीफिंग के लिए दो घंटे का समय निर्धारित किया गया है. चिट्ठी में कहा गया है, ब्रीफिंग में सदस्य देशों और सभी स्टेकहोल्डर्स तक पहुंच बनाने के साथ महामारी के संगठन के कामकाज पर असर को कम से कम करने के उपायों पर विचार किया जाएगा. साथ ही संगठन के अहम अंगों की इस संकट के दौरान गतिविधियों पर भी चर्चा की जाएगी. संयुक्त राष्ट्र महासचिव इस अवसर पर सदस्य देशों को जानकारी देंगे कि संकट को लेकर संयुक्त राष्ट्र सिस्टम ने किस तरह प्रतिक्रिया दी और दुनिया भर में रिकवरी के लिए क्या योजनाएं हैं.

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सदस्य देशों को एक और चिट्ठी में UNGA अध्यक्ष ने Covid-19 को लेकर संगठन की ओर से UNGA कैसे आवश्यक फैसले ले सकता है और उनका अनुमोदन कैसे होगा. उसके तरीके को लेकर सूचित किया है. महासभा की ओर से इस संबंध में मौन प्रक्रिया का पालन किया जाएगा जिसकी अवधि शुक्रवार 27 मार्च को दोपहर 12 बजे खत्म होगी.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्टीफेन डुजारिक ने इस प्रक्रिया के बारे में मंगलवार को अपनी साप्ताहिक ब्रीफिंग में साफ किया. उन्होंने कहा, “सदस्य देशों को लिखी चिट्ठी में UNGA अध्यक्ष ने एक प्रस्ताव भेजा है कि कैसे महासभा महामारी पर संगठन की ओर आवश्यक फैसले ले सकती है. क्योंकि महासभा की पूर्ण बैठक बुलाना संभव नहीं है, ऐसे में प्रस्ताव UNGA अध्यक्ष को अधिकर देगा कि वो जनरल कमेटी से सलाह के बाद ड्राफ्ट फैसलों को सभी सदस्य देशों को कम से कम 72 घंटे की मौन प्रकिया के तहत वितरित करें. अगर 72 घंटे तक मौन नहीं टूटता तो उस फैसले को मंजूर मान लिया जाएगा. उपरोक्त ड्राफ्ट प्रस्ताव की मौन अवधि भी शुक्रवार दोपहर को खत्म होगी.”

अभी तक संयुक्त राष्ट्र और सुरक्षा परिषद ने कोरोना वायरस महामारी के मुददे को औपचारिक रूप से विचार करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया था. इसका स्वास्थ्य संगठन WHO ही Covid-19 के खिलाफ लड़ाई में रणनीति और देश-देश के हिसाब से योजनाएं बनाने में दिन-रात जुटा दिखा है.

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बता दें कि न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र का मुख्यालय बंद होने की वजह से दो हफ्ते से कोई बैठक नहीं हो पाई है.जहां चीन और अमेरिका कोरोना वायरस की उत्पत्ति को लेकर तकरार में उलझे रहे हैं, वहीं WHO के प्रमुख टेडरोस अडानोम गेबरेइसस ने आगाह किया कि महामारी तेजी से फैल रही है और Covid-19 पॉजिटिव केसों की संख्या और बीमारी से मौतों का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है. दुनिया में पॉजिटिव केसों की संख्या 4,00,000 से ज्यादा और मौतों की संख्या 18,000 को पार कर चुकी है.

मार्च में UNSC की अध्यक्षता चीन के पास है और वो निश्चित रूप से इस मुददे पर चर्चा को उत्सुक नहीं है क्योंकि अमेरिका महामारी के फैलने के लिए उसे कटघरे में खड़ा करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा.

बता दें, कोरोना वायरस के कारण पूरी दुनिया में कोहरा मचा है और दुनिया के अधिकांश हिस्से फिलहाल लॉकडाउन में चल रहे हैं. इसे देखते हुए लोगों को एक साथ आने पर मनाही है. अगर जरूरी भी है तो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से काम निपटाए जा रहे हैं. यहां तक कि अदालतों की कार्यवाही भी इसी के माध्यस में जारी रखी जा रही है.

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