तुर्की की महिलाएं इन दिनों प्रतिरोध के तौर पर सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर अपनी हंसती-खिलखिलाती तस्वीरें पोस्ट कर रही हैं.

दरअसल, महिलाओं का ये प्रतिरोध उनके देश के उप प्रधानमंत्री ब्यूलेंट एरील के खिलाफ है.
Bülent arınç bunu mu kastetmiş, tutunamayan uzuvlara kast ettim
— Gülçin GÖKDERE (@GulcinGOKDERE)
उप प्रधानमंत्री साहब ने नैतिक भ्रष्टाचार के मुद्दे पर एक भाषण दिया और इस भाषण में महिलाओं की हंसी को अनैतिक बताया.
hişşt yapmayınnn!
— Heisenberg (@Heisinbergg)
उन्होंने अपने भाषण में कहा, 'महिलाओं के लिए पवित्रता बहुत जरूरी है और इसलिए उन्हें सार्वजनिक तौर पर हंसना नहीं चाहिए.'

इसके बाद से महिलाओं ने ट्विटर और इंस्टाग्राम पर अपनी हंसी की तस्वीरें पोस्ट कर रही हैं.
o beni sewerse en güzel ben gülerim zaten :))
— tuuba_dgn (@tuuba_002)
यही नहीं, महिलाओं ने #KahKaha, #direnkahkaha, #direnkadin हैशटैग भी चलाया है, तुर्की भाषा में कहकहा शब्द क मतलब हंसी है.

तुर्की की एक महिला पत्रकार एस तेमेलकुरन भी सेल्फी पोस्ट करने वाली ऐसी तमाम महिलाओं में से एक हैं. इन्हें ट्विटर पर 10 लाख लोग फॉलो करते हैं.

एस ने तो अपनी हंसने वाली तस्वीर पोस्ट की ही है साथ ही सेल्फी पोस्ट करने वाली तमाम महिलाओं के पोस्ट को अपने वॉल पर रीट्वीट कर रही हैं.

वहीं के एक महिला संस्थान का कहना है कि उप प्रधानमंत्री के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज होना चाहिए.
bu da benden olsun! :D
— emel (@_emelg_)
तुर्की में विपक्ष के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार एमेलदीन इसागोलू ने भी इस पूरे प्रकरण पर ट्वीट किया और इस बयान की निंदा की.
Valla ben de gülüyom.
— Aşkın's Taş (@bakbidinlee)