कनाडा में 20 वर्षीय भारतीय युवक शिवांक अवस्थी की हत्या के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है. यह घटना 23 दिसंबर 2025 को यूनिवर्सिटी ऑफ टोरोंटो के पास हाईलैंड क्रीक ट्रेल और ओल्ड किंग्स्टन रोड इलाके में हुई थी. टोरोंटो पुलिस के मुताबिक, दोपहर करीब 3:34 बजे ‘अननोन ट्रबल’ की सूचना मिलने पर अधिकारी मौके पर पहुंचे, जहां एक युवक गंभीर रूप से घायल हालत में मिला. उसे गोली लगी थी और मौके पर ही मृत घोषित कर दिया गया. बाद में मृतक की पहचान टोरंटो निवासी शिवांक अवस्थी के रूप में हुई.
यह मामला 2025 में टोरंटो की 41वीं हत्या के रूप में दर्ज किया गया. हत्या के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था. अब पुलिस ने 28 वर्षीय बाबाटुंडे अफुवापे को गिरफ्तार कर उस पर फर्स्ट डिग्री मर्डर का आरोप लगाया है. आरोपी को 6 जनवरी 2026 को टोरंटो रीजनल बेल सेंटर की अदालत में पेश किया गया. फिलहाल हत्या की वजह सामने नहीं आई है.
पूरी तरह रैंडम हो सकता है हमला
टोरंटो पुलिस का कहना है कि हत्या के पीछे के मकसद की जांच अभी जारी है. शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि आरोपी और शिवांक एक-दूसरे को पहले से नहीं जानते थे. ऐसे में पुलिस को शक है कि यह हमला पूरी तरह से रैंडम हो सकता है.
डिटेक्टिव सार्जेंट मैककेब ने कहा, “हमें लगता है कि वह किसी को मारने के इरादे से वहां आया था.उसने शिवांक को कैसे चुना, यह अभी स्पष्ट नहीं है.” पुलिस के मुताबिक, अफुवापे शूटिंग से पहले करीब एक घंटे तक कैंपस में मौजूद था. उसके कामकाज के बारे में पुलिस को अभी कोई जानकारी नहीं है, लेकिन उनका मानना है कि वह यूनिवर्सिटी का छात्र नहीं था.
भारत से था शिवांक अवस्थी
डिटेक्टिव सार्जेंट मैककेब ने पुष्टि की कि शिवांक अवस्थी भारत से आया हुआ छात्र था और वह यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो में थर्ड ईयर में पढ़ाई कर रहा था. उन्होंने कहा, “वह बहुत युवा, होनहार था और उसकी पूरी ज़िंदगी उसके सामने थी. हमारी संवेदनाएं उसके परिवार, दोस्तों और सहपाठियों के साथ हैं. यह एक बेहद दुखद मामला है.”
मैककेब ने कहा कि इस घटना से छात्रों और आसपास के समुदाय में डर का माहौल बना था, लेकिन अब आरोपी पुलिस हिरासत में है. उन्होंने अपील की कि 23 दिसंबर को ट्रेल या कैंपस में मौजूद कोई भी व्यक्ति, जिसने आरोपी को देखा हो या उससे बातचीत की हो, पुलिस से संपर्क करे.
सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि
शिवांक की मौत के बाद यूनिवर्सिटी के चीयरलीडिंग क्लब और पावरलिफ्टिंग क्लब ने सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि दी. दोनों क्लब्स ने कहा कि शिवांक अपनी सकारात्मक सोच से दूसरों का हौसला बढ़ाने वाला व्यक्ति था और हमेशा लोगों को मोटिवेट करता था.
क्या होता है फर्स्ट डिग्री मर्डर?
बता दें कि फर्स्ट डिग्री मर्डर हत्या की सबसे गंभीर श्रेणी मानी जाती है. इसका मतलब है कि हत्या पहले से सोच-समझकर, योजना बनाकर या जानबूझकर की गई हो. इसमें आरोपी का इरादा साफ होता है कि वह किसी व्यक्ति की जान लेगा.
कनाडा के कानून के अनुसार, अगर हत्या पूर्व नियोजित (Planned) हो, या किसी गंभीर अपराध (जैसे अपहरण, यौन हमला आदि) के दौरान की गई हो, तो उसे फर्स्ट डिग्री मर्डर कहा जाता है। इस कैटेगरी में आने वाले मामलों में सज़ा भी सबसे सख्त होती है.
फर्स्ट डिग्री मर्डर में आमतौर पर आरोपी को आजीवन कारावास (Life Imprisonment) की सज़ा होती है और कई वर्षों तक पैरोल (जमानत पर रिहाई) का कोई अधिकार नहीं मिलता. यही वजह है कि इसे हत्या का सबसे गंभीर अपराध माना जाता है.