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सत्ता पक्ष और विपक्ष की तनातनी के बाद थाईलैंड में सेना ने लगाया मार्शल लॉ

थाईलैंड में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जारी राजनीतिक उठापटक के बीच सेना ने पूरे देश में मार्शल लॉ लगा दिया है. सेना के टेलीविजन चैनल पर चल रहे एक टिकर में कहा गया है कि सेना का उद्देश्य सभी के लिए शांति और सुरक्षा को बनाए रखना है.

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थाईलैंड में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जारी राजनीतिक उठापटक के बीच सेना ने पूरे देश में मार्शल लॉ लगा दिया है. सेना के टेलीविजन चैनल पर चल रहे एक टिकर में कहा गया है कि सेना का उद्देश्य सभी के लिए शांति और सुरक्षा को बनाए रखना है.

लोगों से अपील की गई है कि वे परेशान ना हो और रोज की तरह अपना जीवन व्यतीत करें. टिकर में कहा गया है कि मंगलवार की सुबह तीन बजे से मार्शल लॉ प्रभावी होगा. थाईलैंड के सभी टेलीविजन चैनलों को सेना ने अपने कब्जे में ले लिया है. सरकारी टेलीविजन चैनल ने राजधानी के इलाकों में सेना द्वारा टेलीविजन चैनलों को कब्जे में लेने की तस्वीरें प्रसारित की हैं.

गौरतलब है कि सेना ने एक दिन पहले हिंसक राजनीतिक घटनाओं को लेकर चेतावनी जारी की थी. पिछले हफ्ते आर्मी चीफ जनरल प्रयुथ चान-ओचा ने कहा था, हालात बिगड़ सकते है और दंगे की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता. ऐसे में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए सेना कार्रवाई कर सकती है.

थाईलैंड में राजनीतिक उठापटक बढ़ गई है. हालिया दिनों में सरकार समर्थक और विपक्ष के बीच विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला तेज होता गया है. इसी महीने की शुरूआत में कोर्ट ने केयरटेकर प्रधानमंत्री यिंगलक शिनवात्रा और उनकी कैबिनेट के नौ मंत्रियों को बर्खास्त कर दिया था.

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इसके खिलाफ सरकार समर्थकों ने पक्षपात का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया था. उधर, विपक्ष की मांग है कि देश की सत्ता गैर निर्वाचित सरकार को सौंप दी जाए. उनका कहना है कि राजनीतिक विरोधियों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप बड़े पैमाने पर रिफॉर्म की मांग को जरुरी बनाते हैं.

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