scorecardresearch
 

इंडोनेशिया में गुरदीप की मौत की सजा पर सस्पेंस जारी, सुषमा ने पत्नी से की फोन पर बात

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने गुरदीप की पत्नी से फोन पर बात की है. घर में मातम का माहौल है, लेकिन पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों को अब भी आशा है कि पिछली बार की तरह इस बार भी मौत की सजा की व्यवस्था टल जाएगी.

X
ड्रग तस्करी के दोषी पाए गए हैं गुरदीप सिंह
ड्रग तस्करी के दोषी पाए गए हैं गुरदीप सिंह

इंडोनेशि‍या में ड्रग्स तस्करी के आरोप में मौत की सजा पाए भारतीय नागरिक गुरदीप सिंह को बचाने की भारत सरकार की कोशि‍शों को गहरा झटका लगा है. इंडोनेशिया सरकार ने परिजनों, मानवाधिकार समर्थकों और विदेशी सरकारों की माफी की सभी अपील ठुकरा दी हैं. गुरदीप समेत 14 लोगों को मौत की सजा सुनाई गई है, जबकि गुरुवार को इनमें से चार को मौत की सजा दे दी गई.

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने गुरदीप की पत्नी से फोन पर बात की है. घर में मातम का माहौल है, लेकिन पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों को अब भी आशा है कि पिछली बार की तरह इस बार भी मौत की सजा की व्यवस्था टल जाएगी. जालंधर के हरने वाले 48 साल के गुरदीप को 300 ग्राम हेरोइन के साथ 2004 में गिरफ्तार किया गया था.

एक इंडोनेशि‍याई, तीन विदेशि‍यों को मौत की सजा
खबरों के मुताबिक, इंडोनेशिया के डिप्टी अटॉर्नी नजरल नूर रामचंद ने बताया कि जिन चार लोगों को गुरुवार रात मौत की सजा दी गई, उनमें से दो नाइजीरिया, एक सेनेगल से और एक इंडोनेशियाई है. बाकी 10 लोगों की सजा की तारीख के बारे में फिलहाल कोई फैसला नहीं लिया गया है. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बुधवार रात को ट्वीट कर कहा था कि भारत सरकार गुरदीप की सजा रुकवाने के लिए पूरी कोशिश कर रही है.

जेल में मंगवाए गए ताबूत
दूसरी ओर, इंडोनेशि‍या में नुसा खंबनगन द्वीप के जेल में मौत की सजा की तामील की तैयारियां तेज हो गई हैं. कई एंबुलेंस ताबूत लेकर गुरुवार सुबह जेल के पास इस बंदरगाह शहर में पहुंचे. जेल में सभी दोषियों को मौत की सजा के तौर पर गोली मारी जाएगी. दोषियों में अधिकतर विदेशी नागरिक हैं.

यूरोपीय संघ और संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त ने इंडोनेशिया से मौत की सजा की तामील पर तत्काल रोक लगाने की मांग की और भारत व पाकिस्तान की सरकारों ने कहा कि वे अपने दो नागरिकों को बचाने के लिए तत्काल उपाय कर रहे हैं. इंडोनेशिया ने दोषियों की आधिकारिक सूची जारी नहीं की है.

परिवार का रो रो कर बुरा हाल
गुरदीप सिंह के घर में परिजन जहां एक ओर दुखी हैं, वहीं आशा और उम्मीदों का दौर जारी है. दो बच्चों के साथ जालंधर के नकोदर इलाके में रहने वाली गुरदीप की पत्नी कुलविंदर कौर कुछ भी बोल पाने की स्थिति में नहीं है. उनके मुंह से आवाज नहीं निकल रही है और रो रो कर बुरा हाल है. गुरदीप के भांजे गुरपाल ने बताया, 'पत्नी को लगता था कि पहले की तरह फिर यह मौत की सजा टल जाएगी, क्योंकि इससे पहले भी कई बार यह खबर आई थी कि उन्हें गोली मार दी जाएगी.'

न्यूजीलैंड की जगह धोखे से ले गए इंडोनेशिया
गुरदीप के भांजे गुरपाल सिंह ने कहा, 'गुरदीप का परिवार यूपी के सहारनपुर में रहता है. गुरदीप किसी एजेंट के माध्यम से 2002 में न्यूजीलैंड जाने के लिए सहारनपुर से निकला था, लेकिन उसे गलत तरीके से इंडोनेशिया ले जाया गया.' गुरपाल ने आगे बताया, 'हम सबको यह लग रहा था कि मामा न्यूजीलैंड में हैं. 2004 में एक दिन अचानक पता चला कि उन्हें इंडोनेशिया में नशे की तस्करी में गिरफ्तार कर लिया गया है और 2005 में मौत की सजा दे दी गई है. जिस व्यक्ति के साथ उन्हें न्यूजीलैंड जाना था उसने उनका पासपोर्ट रख लिया और उनसे उल्टे सीधे धंधे करवाने लगा. इस कारण उन्हें दो साल वहां रुकना पड़ा.'

यह पूछने पर कि आप लोगों को कैसे पता चला कि गुरदीप को गोली मार दी जाएगी, गुरपाल ने कहा, 'कुलविंदर के पास इंडोनेशिया स्थित भारतीय दूतावास से फोन आया था.

'मेरा शव इंडिया मंगवा लेना'
बताया जाता है‍ कि गुरदीप सिंह ने अपनी पत्नी से एक बार बातचीत में कहा, 'मुझे गोली मार दी जाएगी. मेरे शव को स्वेदश मंगवा लेना.' कुलविंदर कौर रूंधे गले से कहती हैं, 'भारतीय दूतावास के अधिकारी का फिर मेरे पास फोन आया था. इस बार आवाज मेरे पति की थी और उन्होंने मुझे कहा कि आज रात उन्हें गोली मार दी जाएगी और मैं उनका शव यहां मंगवा लूं.'

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें