माउंट एवरेस्ट के भीषण हिमस्खलन में जीवित बचे लोगों ने हादसे के मंजर को याद करते बताया कि किस प्रकार उन्होंने हाथों और बर्फ काटने वाली कुल्हाडियों की मदद से बर्फ में अपने साथियों की तलाश की थी. शुक्रवार को हिमस्खलन होने के समय करीब 60 शेरपा गाइड उस क्षेत्र में मौजूद थे. जीवित बचे लोगों ने बताया कि उन्होंने बर्फ टूटने और उनके गिरने का भयानक शोर सुना.
जीवित बचे शेरपाओं में से एक चेद्दर शेरपा ने कहा कि वे अपने साथियों की तलाश कर रहे थे. घायलों को नीचे लाने में मदद करने वाले चेद्दर शेरपा ने कहा कि उन्हें नहीं पता है कि कौन जीवित बचा है. इस घटना में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई जबकि तीन अन्य अब भी लापता हैं.
पर्यटन मंत्रालय के एक अधिकारी मोहन सपकोटा ने कहा कि शवों की तलाश के लिए अभियान जारी रहने के बीच पर्वतारोहण स्थगित कर दिया गया है. लेकिन आज मौसम खराब हो जाने के कारण तलाशी अभियान को स्थगित कर देना पड़ा.