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राजनाथ ने सार्क समिट में उठाया आतंकवाद का मुद्दा

मंत्रीस्तरीय सार्क सम्मेलन में हिस्सा लेने पाकिस्तान पहुंचे गुहमंत्री राजनाथ सिंह ने आतंकवाद को सबसे बड़ा खतरा करार दिया है. राजनाथ ने कहा कि अब आतंकवाद का खात्मा बेहद जरूरी हो गया है. उन्होंने काबुल, ढाका और पठानकोट में हुए आतंकी हमलों का भी जिक्र किया.

सार्क सम्मेलन सार्क सम्मेलन

इस्लामाबाद में आयोजित सार्क सम्मेलन में गुरुवार को गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आतंकवाद को लेकर पड़ोसी पाकिस्तान को जमकर खरी-खोटी सुनाई. घबराए पाकिस्तान ने राजनाथ सिंह के भाषण के मीडिया कवरेज पर रोक लगा दी. इसके बाद राजनाथ सिंह लंच में भी शामिल नहीं हुए. गृह मंत्री स्वदेश लौट चुके हैं. उन्होंने कहा कि वह शुक्रवार को संसद में बयान देंगे.

राजनाथ ने स्वदेश वापसी के बाद कहा कि उन्होंने सार्क सम्मेलन में हिंदुस्तान के मुद्दों को उठाया. गृह मंत्री ने बताया कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर उन्हें अपनी यात्रा का ब्योरा देंगे और शुक्रवार को संसद में बयान देंगे.

एक दिवसीय सार्क का गृह मंत्री सम्मेलन का आगाज गुरुवार को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हुआ. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने सम्मेलन का आगाज करते हुए कहा कि कई चुनौतियों के बावजूद, सार्क ने दक्षिण एशिया में ज्यादा से ज्यादा क्षेत्रीय एकीकरण को बढ़ावा देने में सराहनीय योगदान दिया है.

उन्होंने काबुल, ढाका और पठानकोट में हुए आतंकी हमलों का भी जिक्र किया. राजनाथ ने ये भी कहा कि आतंकवादियों का शहीदों के रूप में महिमामंडन या प्रशंसा नहीं की जानी चाहिए.

राजनाथ ने कहा कि अब आतंकवाद का खात्मा बेहद जरूरी हो गया है. गृह मंत्री ने कहा कि आतंकी संगठनों के साथ उन्हें सपोर्ट करने वाले देशों के खि‍लाफ भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, तभी आतंकवाद पर लगाम लगेगा. न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, पाकिस्तान ने राजनाथ के भाषण की मीडिया कवरेज पर रोक लगा दी है. नवाज शरीफ ने कहा कि 'पाकिस्तान आतंकवाद और संगठित अपराधों को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है. आतंकवाद सिर्फ पाकिस्तान की ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया की समस्या है. हमें संगठित अपराध और आतंकवाद के खतरे को रोकने के लिए एकजुट होकर चुनौती का सामना करना होगा.'

पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ ने कहा कि उन्हें पाकिस्तान में ऑपरेशन जर्बे-अज्ब की बदौलत आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कामयाबी हासिल हुई है.

चौधरी बोले मिलकर बनाएंगे फ्यूचर प्लान
वहीं पाकिस्तान के गृह मंत्री चौधरी निसार अली खान ने कहा है कि पाकिस्तान सार्क संगठन की प्रक्रिया और इच्छाओं को पूरा करने के लिए पाकिस्तान प्रतिबद्ध है. निसार अली ने कहा कि 'दक्षेस में शामिल देशों को रियलिटी चेक भी करना चाहिए जिससे ये मालूम हो कि हमने अब तक क्या किया है और हमें क्या करने की जरूरत है.' उन्होने कहा कि 'इस महत्वपूर्ण बैठक में हम सब मिलकर भविष्य को लेकर अपनी रणनीति बनाएंगे.'

उठाएंगे दाऊद इब्राहिम का मुद्दा
बताया जा रहा है कि गृह मंत्री राजनाथ सिंह और उनके पाकिस्तानी समकक्ष चौधरी निसार अली खान के बीच कोई द्विपक्षीय बैठक नहीं होगी. केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि गृहमंत्री राजनाथ सिंह दक्षेस देशों के अपने समकक्षों के साथ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से मुलाकात करेंगे. इस दौरान वह अंडरवर्ल्ड डान दाउद इब्राहिम और सीमापार आतंकवाद के मुद्दे उठा सकते हैं.

राजनाथ की यात्रा के खिलाफ प्रदर्शन
राजनाथ सिंह बतौर गृहमंत्री पहली बार पाकिस्तान पहुंचे हैं. उनकी यात्रा के खिलाफ लश्कर-ए-तैयबा और हिज्बुल मुजाहिदीन आतंकी संगठनों की ओर से मिली धमकियों के बाद उन्हें कड़ी सुरक्षा दी गई है. आतंकी संगठनों की किसी भी धमकी से निपटने के लिए होटल की तरफ जाने वाले मार्गों पर पुलिस और अर्धसैनिक बलों द्वारा अवरोधक लगाए गए हैं. अतीत में ऐसी घटनाएं हुई हैं जब आतंकवादी विस्फोटक से लदे ट्रक लेकर होटलों में घुस गये थे. कड़ी सुरक्षा के बावजूद बुधवार को करीब सौ लोग होटल के बाहर एकत्रित हुए और उन्होंने भारत विरोधी नारेबाजी की और राजनाथ सिंह की यात्रा के विरोध में प्रदर्शन किया.

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