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मुश्किल घड़ी में भारत ने रूस से खरीदा तेल, अब पुतिन ने दिया ये बड़ा ऑफर

दो दिवसीय ब्रिक्स सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि रूस में भारतीय स्टोर्स खोलने को लेकर बातचीत जारी है. उन्होंने कहा कि रूस के बाजारों में चीन की कारें, उपकरण और हार्डवेयर को भारी तादाद में उतारने को लेकर भी बातचीत की जा रही है.

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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (photo: reuters) रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (photo: reuters)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • रूस, ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार 38 फीसदी बढ़ा
  • रूस में भारतीय स्टोर्स खोलने पर बातचीत जारी

चीन की मेजबानी में दो दिवसीय ब्रिक्स सम्मेलन का गुरुवार को आगाज हो गया है. वर्चुअली तरीके से हो रहे 14वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक बड़ा बयान दिया है. पुतिन ने कहा कि रूस में भारतीय स्टोर्स खोलने को लेकर बातचीत का दौर जारी है. 

ब्रिक्स सम्मेलन में पुतिन ने कहा कि रूस और ब्रिक्स देशों के कारोबारी समुदायों के बीच संपर्क काफी बढ़ा है. रूस में भारतीय स्टोर्स खोलने को लेकर बातचीत जारी है. हालांकि, पुतिन ने ये नहीं स्पष्ट किया कि किन भारतीय स्टोर्स की चेन रूस में खुलेंगी.

उन्होंने बताया कि इसके साथ ही रूस के बाजारों में चीन की कारें, उपकरण और हार्डवेयर को भारी तादाद में उतारने को लेकर बातचीत जारी है. इसके साथ ही ब्रिक्स के देशों में रूस की उपस्थिति बढ़ रही है.

रूस, ब्रिक्स देशों का व्यापार 38 फीसदी बढ़ा

उन्होंने बताया कि 2022 के शुरुआती तीन महीनों में रूस और ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार 38 फीसदी बढ़ा है. रूस का ब्रिक्स देशों के साथ व्यापार बढ़कर 45 अरब डॉलर तक पहुंच गया है. 

रूस से अधिक मात्रा में तेल खरीदने के भारत के फैसले से अमेरिका सहित पश्चिमी देशों के साथ उसके संबंधों पर असर पड़ा है. वह भी तब जब भारत के कुल तेल आयात में रूस के तेल की हिस्सेदारी दो फीसदी से अधिक नहीं रही है. भारत ने रूस के तेल की खरीद के फैसले का बचाव भी किया है. भारत का कहना है कि प्रतिबंधों के बावजूद यूरोप रूस से तेल और गैस का निर्यात कर रहा है.

रूस ब्रिक्स देशों को अच्छी खासी मात्रा में फर्टिलाइजर का भी निर्यात करता है. पुतिन का कहना है कि रूस की आईटी कंपनियां भारत और दक्षिण अफ्रीका में अपनी गतिविधियां बढ़ा रही हैं.

पुतिन ने कहा, ब्रिक्स देशों के साथ मिलकर हम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वैकल्पिक मैकेनिज्म तैयार कर रहे हैं. रूस के वित्तीय मैसेजिंग सिस्टम के ब्रिक्स देशों के बैंकों के साथ गठजोड़ को लेकर भी हम तैयारी कर रहे हैं. हम ब्रिक्स देशों की मुद्राओं के आधार पर एक अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बनाने की संभावनाओं को भी तलाश रहे हैं.

बता दें कि ब्रिक्स पांच देशों का संगठन है, जिसमें रूस, भारत, चीन, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं. इस साल ब्रिक्स सम्मेलन की मेजबानी चीन कर रहा है. 

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