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Russia Ukraine War: रूस के हमले के चलते यूक्रेन में मार्शल लॉ, जानिए अब तक किन-किन देशों में हो चुका है लागू

Martial Law: मार्शल लॉ को किसी भी देश में तब लागू किया जाता है, जब वहां के हालात आमतौर की परिस्थितियों से अलग होते हैं. इस व्यवस्था के तहत उस देश की सेना पूरी व्यवस्था को अपने हाथों में ले लेती है. वर्ल्ड वॉर सेकंड के बाद जर्मनी और जापान में मार्शल लॉ को लागू किया गया था.

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Russia Ukraine War 2022 Russia Ukraine War 2022
स्टोरी हाइलाइट्स
  • यूक्रेन के कई ठिकानों पर रूस के हमले
  • जर्मनी और जापान में भी लागू हो चुका है मार्शल लॉ

Ukraine-Russia War, Martial Law:  रूस और यूक्रेन के बीच आखिरकार युद्ध शुरू हो गया. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा सैन्य कार्रवाई का आदेश देने के बाद रूसी सेना यूक्रेन में कई ठिकानों पर जमकर बमबारी कर रही है. यूक्रेन की राजधानी कीव समेत कई शहरों पर हमले किए गए हैं. रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उसने यूक्रेन के डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह से तबाह कर दिया है. वहीं, यूक्रेन ने भी कहा है कि पलटवार करते हुए उसने भी रूस के पांच विमानों और हेलीकॉप्टरों को मार गिराया है. रूसी राष्ट्रपति पुतिन द्वारा सैन्य कार्रवाई का आदेश देने के बाद यूक्रेन ने अपने देश में मार्शल लॉ लगा दिया है, जिसके बाद पूरे देश में अफरातफरी का माहौल बना हुआ है. कई अहम इलाकों को कुछ ही मिनटों में पूरी तरह से खाली करवा लिया गया और रूस को जवाब देने के लिए सेना ने मोर्चा संभाल लिया है.

जानिए क्या होता है मार्शल लॉ, जिसे यूक्रेन ने किया लागू 
पिछले कई दिनों से रूस और यूक्रेन के बीच तनाव चरम पर बना हुआ था. रूसी राष्ट्रपति पुतिन किसी भी कीमत पर झुकने को तैयार नहीं थे. इसके परिणामस्वरूप गुरुवार तड़के उन्होंने रूसी सेना को हमले का आदेश दे दिया. इसके जवाब में यूक्रेन ने भी कई कदम उठाए हैं, जिसमें मार्शल लॉ को लागू किया जाना भी शामिल है. मार्शल लॉ को किसी भी देश में तब लागू किया जाता है, जब वहां के हालात आमतौर की परिस्थितियों से अलग होते हैं. इस व्यवस्था के तहत उस देश की सेना पूरी व्यवस्था को अपने हाथों में ले लेती है. वर्ल्ड वॉर सेकंड के बाद जर्मनी और जापान में मार्शल लॉ को लागू किया गया था. ऐसे में अब जब यूक्रेन और रूस के बीच तनाव युद्ध की शक्ल ले चुका है तो मार्शल लॉ को लागू किया गया है. मार्शल लॉ के लागू होने के बाद आंदोलनों, राजनीतिक दलों आदि पर प्रतिबंध लगा दिए जाते हैं.

इन देशों में भी लगाया जा चुका है मार्शल लॉ
किसी भी देश में मार्शल लॉ का इस्तेमाल सरकारों द्वारा जनता पर अपना शासन लागू करने के लिए किया जाता है. कई अन्य देशों में भी मार्शल लॉ को इतिहास में लागू किया जा चुका है. कई बार तख्तापलट होने की स्थिति में भी इसे लागू करते हैं. साल 2006 और 2014 में थाईलैंड और 2013 में मिस्र में लागू किया जा चुका है. वहीं, साल 1981 में पोलैंड में मार्शल लॉ को लागू किया गया. यह उस समय उठ रहे राजनीतिक विरोध को दबाने के लिए किया गया था. वहीं, साल 1970 में कनाडा में भी लागू किया जा चुका है. हालांकि, यह कानून आमतौर पर कुछ समय के लिए ही लागू किया जाता है और जैसे ही उस देश के हालात वापस से स्थिर होने लगते हैं, मार्शल लॉ को हटा दिया जाता है. वहीं, कई बड़ी प्राकृतिक आपदाओं के मामलों में भी किसी देश में मार्शल लॉ घोषित किया जा सकता है.

मार्शल लॉ लागू करते हुए जेलेंस्की ने की भावुक अपील
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने गुरुवार सुबह मार्शल लॉ पेश किया, जिसमें नागरिकों से रूस के सैन्य अभियानों के बीच शांत रहने का आग्रह किया गया. उन्होंने जनता से वीडियो के जरिए भावुक अपील भी की. उन्होंने कहा एक संक्षिप्त वीडियो संबोधन में कहा, ''रूस ने डोनबास क्षेत्र में एक विशेष सैन्य अभियान की घोषणा की है और सैन्य बुनियादी ढांचे और सीमा पर हमले कर रहा है. हम अपने देश के पूरे क्षेत्र में मार्शल लॉ लागू कर रहे हैं."  उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन से बात की है और वॉशिंगटन ने पहले ही अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाना शुरू कर दिया है. वहीं, यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने भी कहा कि यूक्रेन ने अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार आत्मरक्षा के अपने अधिकार के तहत काम करना शुरू कर दिया है. यूक्रेन अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तुरंत कार्रवाई करने का आह्वान करता है. केवल एकजुट और निर्णायक कदम ही यूक्रेन के खिलाफ व्लादिमीर पुतिन की आक्रामकता को रोक सकते हैं.''

 

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