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मोदी-बाइडेन की मुलाकात से पहले अमेरिका ने दिया सख्त बयान

Quad Summit 2022: क्वॉड सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे. इस वार्ता से पहले अमेरिकी के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने भारत के मानवाधिकारों और अल्पसंख्यकों की स्थिति पर टिप्पणी की है.

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क्वॉड में हिस्सा लेने के लिए पीएम जापान पहुंच गए हैं (Photo- PTI) क्वॉड में हिस्सा लेने के लिए पीएम जापान पहुंच गए हैं (Photo- PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • क्वॉड में मोदी-बाइडेन की वार्ता से पहले बोला अमेरिका
  • भारत के मानवाधिकारों पर उठाए सवाल
  • अल्पसंख्यकों के मुद्दे पर बोला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चार देशों (भारत, अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया) के संगठन क्वॉड के सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए सोमवार सुबह जापान पहुंच गए हैं. अपनी इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे जिसकी जानकारी उन्होंने ट्वीट कर दी है. दोनों नेताओं की वार्ता को लेकर अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवियन ने पत्रकारों से बात की है. इस दौरान उन्होंने एक बार फिर भारत में मानवाधिकार और अल्पसंख्यकों की स्थिति का मुद्दा उठाया.

समिट के लिए टोक्यो (जापान की राजधानी) रवाना होने से पहले एक प्रेस ब्रीफिंग में सुलिवन से पत्रकारों ने पूछा कि भारत पर  मानवाधिकारों के हनन और अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने के आरोप लगते रहते हैं, ऐसे में जो बाइडेन प्रशासन भारत के साथ अपने आर्थिक संबंधों को कैसे संतुलित रखेंगे?

सुलिवन ने कहा, 'राष्ट्रपति जो बाइडेन का प्रशासन शुरुआत से ही इस बात को लेकर स्पष्ट है कि जब हम बुनियादी सिद्धांतों, मौलिक स्वतंत्रता, मानवाधिकार, लोकतांत्रिक संस्थानों के मूल्यों और कानून के शासन का उल्लंघन देखेंगे तो अपनी आवाज उठाएंगे. ऐसा कई देशों के साथ है. भारत को लेकर भी हमारा रुख अलग नहीं है.

सुलिवन ने कहा कि अमेरिका ने अपने मूल्यों के बारे में स्पष्ट रहते हुए लोकतांत्रिक और गैर-लोकतांत्रिक देशों के साथ अपने व्यावहारिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए रास्ता ढूंढ लिया है.

रूस पर भारतीय रुख को लेकर बोले अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार

क्वॉड सम्मेलन में जिन मुद्दों पर चर्चा होगी, उनमें रूस-यूक्रेन युद्ध अहम होने वाला है. भारत को छोड़कर क्वॉड से सभी सदस्य देशों ने इस युद्ध में यूक्रेन पर रूसी आक्रमण की निंदा करते हुए यूक्रेन का साथ दिया है. इन देशों ने रूस पर कई तरह के कड़े प्रतिबंध भी लगाए हैं. भारत ने न तो रूसी आक्रमण की निंदा की है और न ही रूस के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र की किसी वोटिंग में हिस्सा लिया है.

भारत ने रूस से व्यापार जारी रखा है और वो रूस से तेल भी खरीद रहा है. इस बात को लेकर क्वॉड देशों ने भारत पर शुरू में दबाव भी बनाया. सुलिवन से भी रूस पर भारत और अमेरिका के मतभेदों के बारे में बारे में पूछा गया जिसके जवाब में उन्होंने कहा, 'यह द्विपक्षीय वार्ता (बाइडेन-मोदी वार्ता) का हिस्सा होगा.'

सुलिवन ने उम्मीद जताई कि वार्ता 'रचनात्मक और सीधी' होगी क्योंकि बाइडेन और मोदी पिछले सभी द्विपक्षीय मुद्दों पर बात करते रहे हैं. 

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