इजिप्ट एयर के विमान MS181 को हाईजैक करने वाला शख्स इश्क का मारा लगता है. पूर्व पत्नी के प्यार में वह इस कदर सनक गया कि उसने 60 यात्रियों की जान आफत में डाल दी. पूरे नाटकीय अंदाज में उसने विमान हाईजैक किया और बाद में दरियादिली दिखाते हुए 56 यात्रियों को छोड़ भी दिया. उसकी इस करतूत को देख इजिप्ट के प्रेसिडेंट ने पूरी वारदात को आतंकवाद से परे बता डाला.
विमान हाईजैक करने वाला 27 वर्षीय सैफ इल दीन मुस्तफा एलेक्जेंड्रिआ यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर है. पहले उसका नाम इब्राहिम सामाहा बताया जा रहा था. पूर्व पत्नी के इश्क में वह ऐसा जुनूनी हुआ कि पहले चार पेज का 'लव लेटर' लिखा और फिर न सिर्फ पायलट की सांसें रोक दीं बल्कि दूसरे यात्रियों की भी जान मुसीबत में डाल दी. वह इंस्तांबुल में रहने वाली अपनी पूर्व पत्नी को चार पेज की एक चिट्ठी भेजना चाहता था.
पहले महज चिट्ठी भेजने की रट लगाने वाले हाईजैकर को थोड़ी ही देर में फिर इश्क का एक और दौरा पड़ा और उसने पायलट को इस्तांबुल चलने का फरमान सुना डाला. फ्यूल कम होने की बात सुनकर आशिक हाईजैकर मायूस हुआ और अंत में विमान साइप्रस में लैंड हुआ तो प्रियतमा के दीदार की उसकी ख्वाहिश अधर में लटक गई.
इजिप्ट के मंत्री ने भी को हवाहवाई बताया. उन्होंने कहा, 'उसे हाईजैकर नहीं ईडियट कहिए जनाब.' उसने शर्त रखी है कि बातचीत के लिए उसकी पूर्व पत्नी को भी बुलाया जाए तभी वह विमान को छोड़ेगा.
विमान का हाइजैकर मेडिसिन का प्रोफेसर है. उसने खुद की बात रखने के लिए ट्रांसलेटर और राजनीतिक शरण भी मांगी. अपनी मांगें पूरी कराने के लिए उसने किसी को भी चोट नहीं पहुंचाई. जिससे जाहिर होता है कि वह महज पूर्व पत्नी से मिलने की सनक में इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दे बैठा.