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मोदी के इजराइल दौरे से बढ़ेगी हिंदुस्तान की ताकत, भारत को मिलेंगे मिसाइल से लैस ड्रोन

इजराइल दौरे पर जिस मिसाइल को लेकर समझौता होना है वह इजराइल में लगभग तैयार है. यह हेरॉन टीपी सशस्त्र ड्रोन मिसाइल दुश्मन को ढूंढकर उसे खत्म करने में सक्षम है. साथ ही इस ड्रोन को जमीन से हवा में मार करने में महारथ हासिल है.

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आसमान में बढ़ेगी हिंदुस्तान की ताकत आसमान में बढ़ेगी हिंदुस्तान की ताकत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जुलाई में प्रस्तावित अपने इजराइल दौरे में कई बड़े समझौतों पर हस्ताक्षर कर सकते हैं. यात्रा के दौरान इजराइल से मिसाइल ड्रोन भारत आने को तैयार होगा, ये ड्रोन सीमा पार से होने वाले हमलों को रोकने में सक्षम होंगी. इस दौरे पर भारत और इजराइल के बीच 40 करोड़ अमेरिकी डॉलर की डील हो सकती है.

इकनॉमिक टाइम्स की खबर के अनुसार, इजराइल दौरे पर जिस मिसाइल को लेकर समझौता होना है वह इजराइल में लगभग तैयार है. यह हेरॉन टीपी सशस्त्र ड्रोन मिसाइल दुश्मन को ढूंढकर उसे खत्म करने में सक्षम है. साथ ही इस ड्रोन को जमीन से हवा में मार करने में महारथ हासिल है.

मेक इन इंडिया में है दिलचस्पी
भारत पहले से ही सबसे ज्यादा हथियार इजराइल से ही खरीदता है, तो वहीं इजराइल भी पीएम मोदी के मेक इन इंडिया में काफी दिलचस्पी दिखा चुका है. पहले ये सभी ड्रोन मिसाइल सितंबर 2015 में भारत आनी थी, लेकिन इसमें देरी हुई और अब जाकर यह भारत को मिसाइलें मिलेंगी.

एयर शो में किया था प्रदर्शन
फरवरी में बंगलुरु में हुए एयर-शो में इजराइल ने हेरॉन टीपी ड्रोन को प्रदर्शित किया था, जिसके बाद सितंबर 2015 में इसकी खरीद को लेकर रक्षा मंत्रालय की मंजूरी मिली. 2012 में भी यूपीए सरकार के दौरान इस प्रकार का प्रस्ताव आया था, लेकिन जब राजनीतिक समर्थन ना मिल पाने के कारण यह पास नहीं हो पाया था.

इन सभी ड्रोन के अलावा भारतीय एयर फोर्स भी इजराइल के हॉर्पी यूएवी का इस्तेमाल करता है, लेकिन इनमें मिसाइल का इस्तेमाल नहीं होता है. साथ ही भारत भी अपनी इंटेलिजेंस और सीमा को मजबूत बनाने के लिए इस प्रकार की यूएवी और हेरॉन का इस्तेमाल करता है.

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