scorecardresearch
 

पंजशीर में PAK की नापाक चाल, तालिबान का साथ देकर रच रहा अमरुल्ला सालेह को मारने की साजिश

अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद नई सरकार का गठन कर चुके तालिबान के कब्जे से अब भी पंजशीर घाटी दूर है. पंजशीर में अफगान नेशनल रेसिस्टेंस फोर्स किसी भी सूरत में तालिबान के साथ लड़ाई हारने को तैयार नहीं है.

Advertisement
X
तालिबान के लड़ाके और अमरुल्ला सालेह (फाइल फोटो)
तालिबान के लड़ाके और अमरुल्ला सालेह (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • अफगानिस्तान के पूर्व उप-राष्ट्रपति को मारने की साजिश रच रहा पाकिस्तान
  • पंजशीर में तालिबान से लोहा ले रहे अमरुल्ला सालेह
  • घाटी का 60 फीसदी इलाका अब भी तालिबान के कब्जे से दूर

अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद नई सरकार का गठन कर चुके तालिबान के कब्जे से अब भी पंजशीर घाटी दूर है. पंजशीर में अफगान नेशनल रेसिस्टेंस फोर्स किसी भी सूरत में तालिबान के साथ लड़ाई हारने को तैयार नहीं है. तालिबान के लड़ाकों के पास भारी मात्रा में हथियार होने के बावजूद भी वह अब तक पंजशीर प्रांत के 60 फीसदी हिस्से पर कब्जा नहीं जमा सके हैं.

घाटी में तालिबान की कोई भी चाल कामयाब नहीं हो पा रही है. वहां अफगानिस्तान के पूर्व उप-राष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह और अहमद मसूद तालिबानियों से लगातार लोहा ले रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान लगातार साजिश रचते हुए सालेह को मारने की कोशिश कर रहा है, जिससे जल्द-से-जल्द पंजशीर पर तालिबानियों का कब्जा हो सके.

पंजशीर के कई जिलों को अफगान नेशनल रेसिस्टेंस फोर्स ने फिर से अपने कब्जे में ले लिया है. ये जिले पारियान, अबशार और दारा जिले हैं. इन जिलों पर रेसिस्टेंस फोर्स के लड़ाकों का पूरी तरह से कब्जा है. वहीं, एनआरएफ सूत्रों की मानें तो पाकिस्तान रेसिस्टेंस फोर्स के खिलाफ लगातार साजिशें रच रहा है और तालिबानी लड़ाकों का साथ दे रहा है. मालूम हो कि पाकिस्तान हालिया घटनाक्रमों में खुलकर तालिबान का साथ देता रहा है, जबकि अफगानिस्तान में पूर्व सरकार के समय वह लंबे वक्त से तालिबान को पर्दे के पीछे से मदद पहुंचा रहा था. 

Advertisement

अमरुल्ला सालेह को मारने की साजिश रच रहा पाकिस्तान
अफगानिस्तान की धरती से अमेरिकी सैनिकों की वापसी के साथ ही तालिबानी लड़ाकों ने कब्जा करना शुरू कर दिया था. एक-एक करके तालिबानी लड़ाके प्रांतों की राजधानियों पर कब्जा करते जा रहे थे और फिर 15 अगस्त को राजधानी काबुल पर कब्जा जमाते ही पूरे देश को जीतने का दावा कर दिया था. हालांकि, इन सबके बीच, तालिबान पंजशीर घाटी को जीतने में कामयाब नहीं हो सका. पाकिस्तान से मिल रही मदद के बावजूद भी उसकी पहुंच घाटी से दूर ही रही. पंजशीर में कोई भी दांव-पेच सही नहीं होने की वजह से अब पाकिस्तान अमरुल्ला सालेह को जान से मारने की साजिश रचने लगा है. रेसिस्टेंस फोर्स के सूत्रों की मानें तो पाकिस्तान तालिबानी लड़ाकों की सालेह को मारने में मदद करना चाहता है, जिससे जल्द ही तालिबान का पंजशीर घाटी पर कब्जा हो सके.

सालेह के भाई की तालिबानियों ने कर दी हत्या
जहां रेसिस्टेंस फोर्स के फाइटर्स तालिबान को दूर रखने के लिए लगातार लड़ाई लड़ रहे हैं तो वहीं उन्हें काफी नुकसान भी हुआ है. फोर्स के कई बड़े चेहरों की हत्या की जा चुकी है. प्रवक्ता और पत्रकार रहे फहीम दश्ती को हाल ही में तालिबान ने मार दिया था, जबकि अब अमरुल्ला सालेह के बड़े भाई रोहुल्ला सालेह की तालिबान ने हत्या कर दी. पंजशीर में जंग के दौरान रोहुल्ला साालेह की मौत हो गई. तालिबान ने पहले पंजशीर घाटी में रोहुल्ला को टॉर्चर किया और बाद में बेरहमी से उनका मर्डर कर दिया. रोहुल्ला के घर के सदस्य इब्दुल्ला ने भी उनकी मौत की पुष्टि की है और बताया है कि टॉर्चर करते हुए उनके शरीर को दफनाने भी नहीं दिया जा रहा था.

Advertisement

(इनपुट- पार्थ)

 

Advertisement
Advertisement