पाकिस्तान ने गुरुवार को कहा है कि प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा करतारपुर गलियारा खोला जाना उसकी 'कूटनीति' का अहम हिस्सा है. इसके साथ ही पाकिस्तान ने कहा है कि भारत के साथ विवादित मुद्दों पर कोई प्रगति नहीं हुई और कश्मीर उसकी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर है. इसके साथ कश्मीर में कथित मानवाधिकार उल्लंघन के मामले पर पाकिस्तान 5 फरवरी 2019 को लंदन में कश्मीर सॉलिडेरिटी के तौर पर मनाएगा.
दरअसल हाल ही कश्मीर के पुलवामा में एक एनकाउंटर के दौरान 6 स्थानीय नागरिकों की मौत हो गई थी. इस मामले को लेकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने संयुक्त राष्ट्र के महासचिव से फोन पर बात कर कथित मानवाधिकार उल्लंघन के मामले में हस्तक्षेप की मांग की थी. इस मामले को लेकर अब पाकिस्तान 5 फरवरी 2019 को लंदन में कश्मीर सॉलिडेरिटी के तौर पर मनाएगा और इस कार्यक्रम में वहां के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी भी शामिल रहेंगे.
विदेश विभाग के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने अपनी साप्ताहिक मीडिया ब्रीफ्रिंग में कहा कि करतारपुर गलियारा, अफगानिस्तान में शांति की गतिविधियों के साथ पाकिस्तान की इमरान खान सरकार की कूटनीति का अहम हिस्सा है. उन्होंने कहा कि भारत द्वारा वार्ता शुरू करने से इनकार करने के बावजूद पाकिस्तान ने करतारपुर गलियारे का भूमि पूजन किया. इस लिहाज से भारत के साथ विवादास्पद मुद्दों पर करतारपुर गलियारा एकमात्र सकारात्मक कदम है. फैसल ने कहा कि प्रधानमंत्री इमरान खान ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सितंबर में लिखी चिट्ठी में आगे कदमों की विस्तृत रूपरेखा दी थी लेकिन नई दिल्ली की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई.
गौरतलब है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने नवंबर में पाकिस्तान के करतारपुर में गुरुद्वारा दरबार साहिब को भारत के गुरदासपुर जिले में डेरा बाबा नानक से जोड़ने वाले गलियारे की आधार शिला रखी थी. इस गलियारे के जरिए भारतीय सिख तीर्थयात्रियों को वहां जाने की वीजा मुक्त सुविधा हासिल हो सकेगी. बता दें कि करतारपुर में ही सिखों के पहले गुरु नानक देव ने अपना अंतिम वक्त गुजारा था.
मोहम्मद फैसल ने कहा कि पूरी दुनिया और खासकर सिख समुदाय द्वारा इसे बेहद सकारात्मक रूप में लिया गया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान करतारपुर में आधारभूत ढांचा विकसित करने के लिए सक्रियता से काम कर रहा है.