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वादे से पलटा पाकिस्तान, बीटिंग रिट्रीट का किया आयोजन

वाघा बॉर्डर पर रविवार को हुए आत्मघाती हमले के बाद पाकिस्तान ने बीएसएफ के जवानों से एक आग्रह किया था. आग्रह था कि अगले तीन दिनों तक सीमा पर बीटिंग रिट्रीट समारोह का आयोजन नहीं किया जाए. भारत ने पड़ोसी मुल्‍क के इस आग्रह को स्‍वीकार भी कर लिया था, लेकिन सोमवार शाम पाकिस्‍तान इससे पलट गया और उसने रिट्रीट का आयोजन किया.

वाघा बॉर्डर पर बीटिंग रिट्रीट का आयोजन वाघा बॉर्डर पर बीटिंग रिट्रीट का आयोजन

वाघा बॉर्डर पर रविवार को हुए आत्मघाती हमले के बाद पाकिस्तान ने बीएसएफ के जवानों से एक आग्रह किया था. आग्रह था कि अगले तीन दिनों तक सीमा पर बीटिंग रिट्रीट समारोह का आयोजन नहीं किया जाए. भारत ने पड़ोसी मुल्‍क के इस आग्रह को स्‍वीकार भी कर लिया था, लेकिन सोमवार शाम पाकिस्‍तान इससे पलट गया और उसने रिट्रीट का आयोजन किया.

अटारी वाघा संयुक्त जांच चौकी पर पाकिस्‍तान ने अपने राष्ट्रीय ध्वज को उतारने के लिए प्रतीकात्मक रिट्रीट समारोह का आयोजन किया. पाकिस्तानी रेंजर्स ने न केवल समारोह आयोजित किया बल्कि दर्शकों को इसे देखने की अनुमति भी दे दी. बीएसएफ के पंजाब सीमा महानिरीक्षक अशोक कुमार ने बताया कि पाकिस्तानी रेंजर्स ने सोमवार की शाम को कमाडेंट स्तर की एक फ्लैग मीटिंग बुलाई, और ऐन वक्त पर बीएसएफ को बताया कि वह समारोह का आयोजन विधिवत तौर पर करना चाहते हैं.

अशोक कुमार ने बताया कि अब मंगलवार को समारोह का आयोजन पहले की तरह ही किया जाएगा. बीएसएफ अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तानी रेंजर्स की ओर से अगले तीन दिनों तक रिट्रीट समारोह का आयोजन न करने के आग्रह पर दोनों ओर के लोग सहमत हो गए थे. लेकिन पाकिस्तान अपने ही आग्रह से मुकर गया और आगंतुकों को समारोह में आने की अनुमति दे दी.

पाकिस्‍तान समर्थन में लगे नारे
एक बीएसएफ अधिकारी ने बताया, 'एक संक्षिप्त, छोटे से समारोह का आयोजन सोमवार को किया गया. भारत की ओर से आगंतुकों पर पाबंदी लगा दी गई थी, हालांकि पाकिस्तान की ओर से असाधाराण रूप से कुछ सौ दर्शक मौजूद थे.' पाकिस्तान की ओर से आए दर्शकों को पाकिस्तान समर्थक नारे लगाते हुए सुना जा सकता था, जबकि भारत की ओर से वहां पर समारोह देखने के लिए मात्र कुछ बीएसएफ के जवान मौजूद थे. ओडिशा से अपने परिवार के साथ आईं संतोष कुमारी ने बताया, 'हम यहां पर कई सौ किलोमीटर की यात्रा करके इस समारोह को देखने के लिए आए थे. हम इस समारोह को न देख पाने से बहुत निराश हैं. बीएसएफ लोगों को सीमा पर लगे दरवाजों तक नहीं जाने दे रही है.'

गौरतलब है कि रविवार को वाघा के पास हुए विस्फोट में 60 लोगों की मौत हो गई. सीमा पर लगे दरवाजों से मात्र 500 मीटर दूर हुए इस हादसे के कारण बीएसएफ हाई अलर्ट पर है. अशोक कुमार ने बताया, 'हमारी ओर से पूरी तरह सुरक्षा बरती जा रही है. हम स्थिति पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं.' बीएसएफ ने संयुक्त जांच चौकी के साथ-साथ पंजाब की कांटेदार तार-बाड़ युक्त अंतर्राष्ट्रीय सीमा, खास तौर पर अमृतसर सेक्टर पर चौकसी बढ़ा दी है.

एक बीएसएफ अधिकारी ने बताया, 'दिन के समय सीमा पर पाकिस्तान की ओर हलचल सोमवार को सामान्य थी. बीएसएफ और पाकिस्तानी सेना के बीच सेनानायक स्तर की एक बैठक भी हुई. दोनों देशों के बीच सड़क के रास्ते सोमवार को कोई व्यापार नहीं हुआ.' सीमा शुल्क आयुक्त सुनील कुमार ने कहा, 'हम छह नवंबर को परिस्थिति की समीक्षा करेंगे.'

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