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अकड़ छोड़ भारत के साथ व्यापार शुरू करना चाह रहा पाकिस्तान? शहबाज सरकार ने दिया जवाब

पाकिस्तान सरकार ने हाल ही में भारत के अपने हाई कमिशन में नया ट्रेड मंत्री नियुक्त करने का ऐलान किया था, जिसके बाद पाकिस्तान सरकार की आलोचना हुई थी. इसी से जुड़े सवाल पर पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता आसिम इफ्तिखार ने कहा कि भारत के साथ सार्थक या रचनात्मक बातचीत का माहौल नहीं है. 

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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ
स्टोरी हाइलाइट्स
  • भारत में नया ट्रेड मंत्री नियुक्त करने पर हुआ था विवाद
  • भारत के साथ चर्चा के लिए माहौल ठीक नहीं

भारत में ट्रेड मंत्री की नियुक्ति से जुड़े विवाद के बीच पाकिस्तान ने सफाई देते हुए भारत के साथ बातचीत से इनकार किया है. 

पाकिस्तान का कहना है कि भारत के साथ सार्थक या रचनात्मक बातचीत का माहौल नहीं है. 

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता आसिम इफ्तिखार ने गुरुवार को साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ये बयान दिया.

उनसे दिल्ली में पाकिस्तान के नए ट्रेड मंत्री की नियुक्ति के संंबंध में सवाल पूछा गया था. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सवाल किया गया कि क्या पाकिस्तान इस कदम के जरिए भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार को बहाल करने की कोशिश कर रहा है.

इफ्तिखार ने कहा कि इस मामले पर राष्ट्रीय सहमति बनी थी. भारत के साथ विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए पाकिस्तान की नई सरकार ने भी पूर्व की सरकारों की पॉलिसी को ही अपनाया है.

उन्होंने कहा, डिप्लोमेसी में आप बातचीत के दरवाजों को बंद नहीं कर सकते.

इफ्तिखार ने कहा कि विवादों के राजनयिक हल की पाकिस्तान की इच्छा के बावजूद भारत के साथ सार्थक और रचनात्मक बातचीत का माहौल नहीं है. 

भारत ने पाकिस्तान को बार-बार बताया है कि वह किसी दुश्मनी और हिंसा के माहौल के बिना इस्लामाबाद के साथ सामान्य संबंधों की इच्छा रखते हैं. 

भारत में पाकिस्तान के हाई कमीशन में ट्रेड मंत्री की नियुक्ति करने के इस्लामाबाद के फैसले के बाद दोनों देशों के बीच बातचीत की बहाली की बातें होने लगी थीं.

हालांकि, पाकिस्तान के वाणिज्य मंत्रालय ने गुरुवार को बयान जारी कर भारत के साथ व्यापार नीति में किसी तरह के बदलाव से इनकार किया था.

इमरान खान के बाद पाकिस्तान की सत्ता संभालने वाले शहबाज शरीफ और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक-दूसरे को पत्र लिखकर बातचीत की इच्छा भी जाहिर की थी.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री चुने जाने के तुरंत बाद शरीफ ने देश को संबोधित करते हुए कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने का मुद्दा उठाया था.

उन्होंने भारत के साथ बेहतर संबंधों की इच्छा जताई थी लेकिन उसे कश्मीर मामले से जोड़ दिया था.

उन्होंने कहा था, हम भारत के साथ अच्छे संबंध चाहते हैं लेकिन जब तक कश्मीर मामला नहीं सुलझ जाता, स्थायी रूप से शांति संभव नहीं है. 

2016 में पठानकोट एयरफोर्स बेस पर आतंकी हमले के बाद भारत, पाकिस्तान संबंधों में गिरावट आ गई थी. इसके बाद उड़ी में भारतीय सैन्य कैंप पर हुए हमले से संबंध और खराब हो गए थे. 

जब भारत ने अगस्त 2019 में जम्मू कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा समाप्त किया तो दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया.

जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के भारत सरकार के फैसले से पाकिस्तान तिलमिला गया था और उसने भारत के साथ अपने राजनयिक संबंधों को डाउनग्रेड कर दिया था. इसके साथ ही इस्लामाबाद में भारत के हाई कमिश्नर को भी निष्कासित कर दिया गया था. 

पाकिस्तान ने भारत के साथ ट्रेड और रेल सेवाओं को भी सस्पेंड कर दिया था. 

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