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पाकिस्तान ने पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंध चाहे, भारत ने इसे हमारी कमजोरी समझा: PAK राष्ट्रपति आरिफ अल्वी

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने कहा कि पाकिस्तान हमेशा अपने पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंध चाहता है. लेकिन भारत ने इसे कमजोरी के तौर पर लिया.

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी (फाइल फोटो) पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • अल्वी बोले- पाकिस्तान-चीन के रिश्तों को बिगाड़ने की कोशिश में भारत
  • पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने अलापा कश्मीर राग

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने आरोप लगाया कि भारत चीन के साथ उनके रिश्तों को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है. अल्वी ने कहा, पाकिस्तान हमेशा अपने पड़ोसियों के साथ अच्छे रिश्ते चाहता है. लेकिन भारत ने इस इच्छा को कमजोरी के तौर पर लिया. 

पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने ये बयान विपक्ष के विरोध के बीच द्विसदनीय संसद के निचले सदन नेशनल असेंबली के चौथे संसदीय वर्ष की शुरुआत के मौके पर दिया. वह संयुक्त सत्र को संबोधित कर रहे थे. 

पड़ोसियों से अच्छे संबंध चाहता है पाकिस्तान - अल्वी

अल्वी ने पाकिस्तान में आतंकी कैंप पर भारतीय वायुसेना की एयरस्ट्राइक को याद करते हुए कहा, पाकिस्तान हमेशा अपने पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंध चाहता है. लेकिन भारत ने इसे कमजोरी के तौर पर लिया. भारत ने 26 फरवरी 2019 को पुलवामा आतंकी हमले का बदला लेते हुए पाकिस्तान की सीमा में घुसकर बालाकोट में जैश के आतंकी कैंपों पर एयरस्ट्राइक की थी. 
 
बता दें कि भारत पाकिस्तान को यह बता चुका है कि वह आतंक, शत्रुता और हिंसा से मुक्त माहौल में इस्लामाबाद के साथ सामान्य पड़ोसी संबंध चाहता है. भारत कई बार यह संदेश दे चुका है कि आतंकवाद से मुक्त माहौल बनाना पाकिस्तान की जिम्मेदारी है. 

अल्वी ने अलापा कश्मीर राग

अल्वी ने आरोप लगाया कि भारत कश्मीर के लोगों के साथ अन्याय कर रहा है. उन्होंने कहा, मैं भारत से कहना चाहता हूं कि भारत में उत्पीड़न रोके और आत्मनिर्णय (कश्मीर में) के वादे को पूरा करे. अल्वी ने कहा, पाकिस्तान अफगानिस्तान में शांति चाहता है और वह वहां अहम सकारात्मक भूमिका निभा रहा है. 

पाक-चीन रिश्तों को बिगाड़ने की कोशिश में भारत

अल्वी ने पाकस्तान के विकास में अहम भूमिका निभाने के लिए चीन की भी तारीफ की. उन्होंने कहा, भारत की चीन और पाकिस्तान के रिश्तों को पटरी से उतारने की कोशिशों के बावजूद इस्लामाबाद ने बीजिंग से अपने संबंधों को बहुत सम्मान के साथ रखा. उन्होंने कहा, हम चीन के साथ संबंधों को बहुत सम्मान से देखते हैं और उन्हें मजबूत करना चाहते हैं. मैं भारत को स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि वह अपने लक्ष्यों में कभी सफल नहीं होगा और पाक-चीन की दोस्ती मजबूत होती रहेगी. 

 

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