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नॉर्थ कोरिया में कोरोना से पहली मौत हुई, करीब दो लाख लोग आइसोलेट

किम जोंग उन ने अपील की है कि कोरोना से बचाव के उपायों को और अधिक बढ़ाया जाए और इनका सख्ती से पालन किया जाए. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, उत्तर कोरिया ने 2020 के अंत तक 13,259 संदिग्ध लोगों के सैंपलों की जांच की जिनकी रिपोर्ट निगेटिव आई थी.

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नॉर्थ कोरिया के प्योंगयांग में मास्क पहने लोग. फोटो- क्योडो/रॉयटर नॉर्थ कोरिया के प्योंगयांग में मास्क पहने लोग. फोटो- क्योडो/रॉयटर
स्टोरी हाइलाइट्स
  • आइसोलेशन में 1 लाख 87 हजार लोगों का इलाज जारी
  • गुरुवार को नॉर्थ कोरिया में मिला था कोरोना का पहला केस

नॉर्थ कोरिया में कोरोना का पहला केस सामने आने के बाद शुक्रवार को एक मरीज की मौत हो गई. वहीं, 5 अन्य लोगों की भी मौत हुई है लेकिन उनमें कोरोना संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है. बताया जा रहा है कि इन पांच लोगों को हल्का बुखार था और कोरोना जैसे लक्षण थे वहीं करीब दो लाख लोगों को अइसोलेट कर उनका इलाज किया जा रहा है. 

नॉर्थ कोरिया की मीडिया कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (KCNA) ने शुक्रवार को कहा कि कोरोना से पहली मौत हुई है और हजारों लोगों में कोरोना के लक्षण दिखे हैं जो महामारी को लेकर गंभीर होने के संकेत दे रहे हैं. KCNA ने कहा कि बुखार के लक्षण वाले छह लोगों की मौत हो गई. इनमें से एक मरीज में कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट की पुष्टि हुई है. 

नॉर्थ कोरिया के नेता किम जोंग उन ने कोरोना को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की. फोटो- रॉयटर्स

आइसोलेशन में 1 लाख 87 हजार लोगों का इलाज जारी

समाचार एजेंसी KCNA ने बताया कि देश में कोरोना विस्फोटक हुआ है. करीब 1 लाख 87 हजार 800 लोगों को आइसोलेट कर इलाज किया जा रहा है. समाचार एजेंसी की ओर से कहा गया है कि मोटे तौर पर 3 लाख 50 हजार लोगों में कोरोना के लक्षण दिखे हैं जिनमें से 10 हजार लोगों ने गुरुवार को इसकी सूचना दी थी. लगभग 1 लाख 62 हजार 200 मरीजों का इलाज किया गया है. हालांकि ये स्पष्ट नहीं है कि इनमें कोरोना पॉजिटिव केस की संख्या कितनी थी. 

गुरुवार को नॉर्थ कोरिया में मिला था कोरोना का पहला केस

उधर, गुरुवार को नॉर्थ कोरिया में कोरोना का पहला केस मिलने के बाद किम जोंग उन ने पूरे देश में लॉकडाउन की घोषणा की थी. इसके बाद उन्होंने एंटी वायरस कमांड सेंटर का दौरा भी किया था. किम ने कहा कि बुखार से पीड़ित लोगों को आइसोलेट करना और उनका इलाज करना सर्वोच्च प्राथमिकता है.

नॉर्थ कोरिया की ओर से जानकारी दी गई है कि कोरोना का प्रकोप अप्रैल में राजधानी प्योंगयांग में शुरू हुआ था. इसके बाद राजधानी में 15 और 25 अप्रैल को बड़े पैमाने पर सार्वजनिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया जहां अधिकतर लोगों ने मास्क नहीं पहना था. 

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