दुनिया भर में खलबली मचाने वाले वनाक्राई रैंसमवेयर के साइबर हमले के पीछे उत्तर कोरिया का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है. साइबर सिक्यूरिटी कंपनी सिमनटेक कोर्प और कैस्परस्काई लैब ने कहा कि रैंसमवेयर हमले के पीछे उत्तर कोरिया के हाथ होने की जांच की जा रही है.
उधर, फिर से साइबर हमले का खतरा मंडरा रहा है. दक्षिण कोरिया के साइबर सिक्युरिटी एक्सपर्ट्स ने यह चेतावनी दी है. दक्षिण कोरिया इस हमले के लिए उत्तर कोरिया को जिम्मेदार ठहरा रहा है. इस अब तक के सबसे बड़े साइबर हमले में 150 देशों के दो लाख से ज्यादा कंप्यूटरों को निशाना बनाया गया.
शुक्रवार से बैंकों, अस्पतालों और सरकारी एजेंसियों के कंप्यूटर इस हमले के शिकार बन रहे हैं. हैकर उन कंप्यूटरों को खासतौर से निशाना बना रहे हैं, जिनमें माइक्रोसॉफ्ट के ऑपरेटिंग सिस्टम के पुराने वर्जन का इस्तेमाल हो रहा है. हैकरों ने वचुअल करेंसी बिटकॉइन के रूप में फिरौती की मांग कर रहे हैं.
सियोल की इंटरनेट सिक्युरिटी फर्म हॉरी के निदेशक सिमोन चोई ने बताया कि हाल के साइबर हमले में जो कोड इस्तेमाल किया गया है, उसमें और उन पिछले हमलों में ऐसे कई समानताएं देखी गई हैं, जिनका दोषी उत्तर कोरिया को बताया जा रहा है.
इसमें से सोनी पिक्चर्स, सेंट्रल बैंक ऑफ बांग्लादेश पर हुए हमले भी शामिल है. सोल पुलिस ने इस हमले के लिए उत्तर कोरिया की मुख्य खुफिया एजेंसी को दोषी ठहराया है. एजेंसी ने और हमलों की आशंका भी जताई.