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कोरोना को रोकने के लिए नेपाल सरकार ने लिया काठमांडू को सील करने का फैसला

सरकार के फैसले के आधार पर, स्थानीय प्रशासन और स्थानीय सरकारों को पत्र भेजे गए हैं. काठमांडू घाटी में छह प्रमुख प्रवेश बिंदु हैं जिन्हें सिर्फ इमरजेंसी सेवाओं के लिए खोला जाएगा.

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काठमांडू की सभी सीमाएं सील
काठमांडू की सभी सीमाएं सील
स्टोरी हाइलाइट्स
  • नेपाल में कोरोना के 450 से ज्यादा मामले
  • देशभर में अब तक तीन लोगों की गई जान
  • राजधानी के सभी 6 एंट्री पॉइंट हुए सील

नेपाल सरकार ने घनी आबादी वाले शहर राजधानी काठमांडू में कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए बड़ा फैसला लिया है. शहर के सभी एंट्री पॉइंट्स को सील कर दिया गया है. इसकी जानकारी गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने दी. नेपाल में कोरोना वायरस मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है.


स्वास्थ्य और जनसंख्या मंत्रालय के अनुसार, देश भर में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या 457 है, जबकि राजधानी में मामलों की संख्या दर्जनभर है. देश में इस वायारस से मरने वालों की संख्या कुल तीन है.


गृह मंत्रालय के प्रवक्ता केदारनाथ शर्मा ने गुरुवार को समाचार एजेंसी सिन्हुआ को बताया, "14 मई को गृह मंत्री राम बहादुर थापा की अध्यक्षता और काठमांडू घाटी में मुख्य जिला अधिकारियों और स्थानीय सरकार के निर्वाचित प्रतिनिधियों द्वारा एक बैठक की गई, जिसमें संबंधित सरकारी अधिकारियों द्वारा जारी किए गए वाहन पास के बिना सभी वाहनों के प्रवेश को रोकने का निर्णय लिया गया है."

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सरकार के फैसले के आधार पर, स्थानीय प्रशासन और स्थानीय सरकारों को पत्र भेजे गए हैं. काठमांडू घाटी में छह प्रमुख प्रवेश बिंदु हैं. शर्मा ने कहा, "नेपाल सरकार केवल आपातकालीन स्थिति में राजधानी में प्रवेश देने का निर्देश दिया है. अधिकृत पास के साथ भी वाहनों का चेकिंग कर प्रवेश दिया जा रहा है, क्योंकि जो लोग आपातकालीन स्थिति में नहीं हैं, वे ऐसे पासों का दुरुपयोग करने लगे हैं."

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नेपाल की यातायात पुलिस ने यह भी कहा कि आपातकालीन वाहनों और आवश्यक सामान ले जाने वाले वाहनों को छोड़कर, बिना पास के किसी अन्य वाहन को काठमांडू घाटी में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी गई है. नेपाल के ट्रैफिक पुलिस के प्रवक्ता पुलिस अधीक्षक जीवन कुमार श्रेष्ठ से कहा, "हमने बिना पास के काठमांडू में प्रवेश करने की कोशिश करने वालों को वापस कर दिया है." 

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