सोशल मीडिया पर फेक प्रोफाइल बनाकर ठगी करना आजकल आम है. लेकिन मलेशिया में एक शख्स ने फेक प्रोफाइल के जरिए कुछ ऐसा कर दिया, जिसे जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे. यह शख्स फेसबुक पर नकली महिला गायनोलॉजिस्ट (डॉक्टर) बनकर महिलाओं के प्राइवेट पार्ट्स के फोटो मंगवाता था. राज खुलने पर आरोपी पकड़ा गया, जिसके बाद उसे सिंगापुर में जेल भेज दिया गया.
बुधवार को कोर्ट ने 37 वर्षीय मलेशिया के नागरिक Ooi Chuen Wei को इस मामले में दोषी मानते हुए तीन साल चार महीने की सजा सुनाई है. आरोपी शख्स ने ऐसी हरकत करने के लिए पहले फर्जी फेसबुक प्रोफाइल बनाई, फिर महिलाओं से संपर्क करने की कोशिश की.
महिलाओं से संपर्क करने के लिए आरोपी उन्हें कुछ तरह के सर्वे भेजता था, जिसमें प्राइवेट पार्ट्स और सेक्स लाइफ से जुड़ी चीजें भी पूछी जाती थी. करीब चार साल तक आरोपी ने करीब 38 महिलाओं को शिकार बनाया. इन चार सालों में आरोपी ने महिलाओं के करीब एक हजार पर्सनल फोटो और वीडियो मंगवाए हैं.
कैसे हुआ आरोपी के काले कारनामे का खुलासा
जुलाई में एक महिला की वजह से आरोपी शख्स की काली करतूतों का खुलासा हुआ. महिला भी पहले उसकी बातों में आ गई थी, लेकिन बाद में उसे थोड़ा शक होना शुरू हुआ और धीरे-धीरे उसे महसूस होने लगा कि यह कोई डॉक्टर नहीं है. जिसके बाद महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद आरोपी का पूरा राज खुलकर सामने आ गया.
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करते हुए उसके घर पर रेड मारी और उसके सभी डिवाइसों को सीज कर दिया. पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपनी गलती को स्वीकार की और अपने साइबर अपराध की पूरी जानकारी दी.
अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने आरोपी की इस गलती के लिए कोर्ट से कम से कम तीन साल 8 महीनों की सजा की मांग की. इसके पीछे वकील ने यह भी दलील दी कि आरोपी ने यह करतूत सिर्फ एक या दो नहीं बल्कि काफी संख्या में महिलाओं के साथ की है, जिसे देखते हुए कड़ी सजा मिलनी चाहिए.
शारीरिक इच्छाओं को संतुष्ट करने के लिए आरोपी ने किया अपराध
सरकारी वकील ने कहा कि अपनी शारीरिक इच्छाओं को संतुष्ट करने के लिए आरोपी ने सोच समझकर यह अपराध किए हैं. वकील ने कोर्ट में बताया कि फेसबुक पर आरोपी खुद को एक महिला डॉक्टर बताता था और अन्य महिलाओं से उनके प्राइवेट पार्ट्स के फोटो और वीडियो मंगवाता था.
सरकारी वकील ने कोर्ट में बताया कि आरोपी ने डॉक्टरों के प्रति लोगों के विश्वास को नुकसान पहुंचाया है. साथ ही आरोपी ने इन अपराधों को करने के लिए सोशल मीडिया का भी गलत तरीके से इस्तेमाल किया है.