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इजरायली सेना ने ढूंढ निकाली हमास की सुरंग, सेना का दावा यहीं रखे गए थे 20 बंधक इजरायली नागरिक

इजरायली सेना के प्रवक्ता रियर एडमिरल डैनियल हगारी ने कहा कि सैनिकों  को एक होल्डिंग एरिया, सलाखों के पीछे पांच छोटे-छोटे कमरे, शौचालय, गद्दे और यहां तक कि एक बंधन बच्चे के द्वारा बनाई गई आर्ट मिली है. इस बच्चे को नवंबर में सात दिनों के युद्ध विराम के दौरान मुक्त कराया गया था.

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इजरायली सेना ने ढूंढ निकाली बंधकों को रखने वाली हमास की सुरंग.
इजरायली सेना ने ढूंढ निकाली बंधकों को रखने वाली हमास की सुरंग.

इजरायल और हमास के बीच जारी संघर्ष के बीच शनिवार को इजरायली सेना को गाजा पट्टी में एक किलोमीटर लंबी, फंसी हुई सुरंग मिली है. इस सुरंग के मिलने के बाद सैनिकों ने दावा किया कि हमास ने 7 अक्टूबर के हमले के बाद लगभग 20 लोगों को यहां बंधक बना कर रखा था.

सुरंग से मिली आर्ट की कॉपी

समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली सेना के प्रवक्ता रियर एडमिरल डैनियल हगारी ने कहा कि सैनिकों  को एक होल्डिंग एरिया, धातु की सलाखों के पीछे पांच संकीर्ण कमरे, शौचालय, गद्दे और यहां तक कि एक बंधन बच्चे के द्वारा बनाई गई आर्ट मिली है. इस बच्चे को नवंबर में सात दिनों के युद्ध विराम के दौरान मुक्त कराया गया था.

इजरायली सेना ने भूमिगत सुरंग से तस्वीरें जारी कीं, जिसमें हगारी ने कहा कि गाजा के खान यूनिस के दक्षिणी हिस्से में हमास के एक सदस्य के घर में सुरंग का पता लगाया गया था.

सुरंग से नहीं मिला कोई बंधन: सेना

सैनिकों ने सुरंग में एंट्री की तो उनका सामना आतंकवादियों से हुआ और एक मुठभेड़ में आतंकवादियों को मार गिराया. हालांकि, सुरंग में कोई भी बंधक नहीं मिला है.

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इजरायली सैन्य प्रवक्ता रियर एडमिरल डैनियल हगारी ने कहा कि उनके सैनिकों ने गाजा में जिस सुरंग की खोज की थी, उसका उपयोग गवाहों के अनुसार, लगभग 20 बंधकों को रखने के लिए किया गया था... अलग-अलग समय पर कठोर परिस्थितियों में, दिन के उजाले के बिना, कम ऑक्सीजन के साथ घनी हवा में, और भयानक उमस, जिससे सांस लेना मुश्किल हो जाता है. इनमें से कुछ बंधकों को कतर की मध्यस्थता में नवंबर में हुए संघर्ष विराम के दौरान हमास ने रिहा कर दिया था. इजराइल का कहना है कि 7 अक्टूबर को इजरायल पर हमास के हमले के दौरान पकड़े गए 130 से अधिक लोग अभी भी गाजा पट्टी में हैं.

बाइडेन की मांग को लगा झटका

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के ऑफिस ने शनिवार से कहा कि इजरायल ने युद्ध के बाद गाजा में फिलिस्तीनी संप्रभुता का विरोध किया है. इससे युद्ध के बाद फिलिस्तीन को राज्य के दर्जे वाली अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की मांग को झटका लगा है. नेतन्याहू का ये बयान तब आया जब दोनों नेताओं ने शनिवार (20 जनवरी) को एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य बनाने के संभावित समाधानों के बारे में बातचीत कर रहे थे. जिसमें सुझाव दिया गया कि एक रास्ते में गैर-सैन्यीकरण सरकार शामिल हो सकती है.
 

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बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ हुआ जोरदार प्रदर्शन

हजारों इजराइलियों ने शनिवार को तेल अवीव में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व वाले प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शन कर रहे लोगों ने नेतन्याहू पर देश की सुरक्षा को खराब करने का आरोप लगाया और नए चुनाव की मांग की.


विदेशी समाचार एजेंसियों द्वारा साझा किए गए फोटोज में एक पोस्टर में नेतन्याहू के चेहरे पर खून से सना हुआ हथेली का निशान दिखाया गया है. सरकार विरोधी आंदोलन जो इजराइल में एक प्रमुख आकर्षण था, हमास के 7 अक्टूबर के हमले के बाद बंद हो गया. हालांकि, इजरायल-हमास के बीच युद्ध लंबा खींचने के बाद नेतन्याहू के लिए समर्थन कम होता दिख रहा है, क्योंकि इजराइली जनता नेतृत्व में बदलाव की मांग कर रही है.

इजराइल रक्षा बलों (आईडीएफ) ने रविवार (21 जनवरी) को कहा कि उसने उत्तरी इजराइल पर हमलों के जवाब में दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमला किया. आईडीएफ ने ट्वीट किया, वायु सेना के लड़ाकू विमानों ने दक्षिणी लेबनान के अल अदीसा और खुला के इलाकों में हिजबुल्लाह आतंकवादी संगठन के आतंकवादी बुनियादी ढांचे और लॉन्च पैड पर हमला किया.

आईडीएफ ने कहा कि लेबनान से भी एक रॉकेट लॉन्च किया गया था, जो इलाके को पार कर गया और एक खुले क्षेत्र में गिर गया. माउंट डोव इजराइल के अंदर लेबनान के साथ देश की सीमा पर स्थित है और दोनों पक्षों के बीच आदान-प्रदान का केंद्र बिंदु रहा है.

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मुठभेड़ में मारा गया तौफीक

कथित तौर पर शुक्रवार (19 जनवरी) को वेस्ट बैंक में आईडीएफ के साथ झड़प में 17 वर्षीय फिलिस्तीनी-अमेरिकी तौफीक हाफिज अजाक की गोली मारकर हत्या कर दी गई. कथित तौर पर शुक्रवार शाम को एक झड़प के दौरान उनके सिर पर जिंदा गोला बारूद से हमला किया गया था.

समाचार एजेंसी द एसोसिएटेड प्रेस ने बताया कि इजरायली अधिकारियों ने इस मामले को देखने और इसकी जांच करने का वादा किया है. फिलिस्तीनी मामलों के अमेरिकी कार्यालय ने घटना की तत्काल जांच का आदेश देते हुए ट्वीट किया कि किशोर की हत्या पर अमेरिका दुखी है. तौफीक हाफिज अजाक की मौत पर आईडीएफ ने अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है.

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