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इराक की कोर्ट ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ जारी किया गिरफ्तारी वारंट

इराक की अदालत ने पिछले साल एक ईरानी जनरल और एक प्रभावशाली इराकी मिलिशिया नेता के मारे जाने के मामले में ट्रंप के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है. ट्रंप के खिलाफ ईरान पहले ही इस मामले में वारंट जारी कर चुका है.

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बढ़ती जा रही हैं ट्रंप की मुश्किलें (फाइल फोटो)
बढ़ती जा रही हैं ट्रंप की मुश्किलें (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • इराक की अदालत ने जारी किया है ट्रंप के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट
  • ट्रंप के खिलाफ ईरान ने पहले से ही जारी कर रखा है अरेस्ट वारंट
  • इराकी मिलिशया के शीर्ष नेता की मौत से जुड़ा हुआ है ये मामला

अमेरिका में वाशिंगटन स्थित कैपिटल हिल में डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों ने गुरुवार को जबरदस्त हंगामा किया. लंबे संघर्ष के बाद सुरक्षाबलों ने इन्हें बाहर निकाला और कैपिटल हिल को सुरक्षित किया. इस घटना की वजह से ट्रंप की पूरी दुनिया में आलोचना हो रही है. एक ओर जहां ट्रंप की व्हाइट हाउस से विदाई अब तय हो चुकी है तो दूसरी ओर उनकी मुश्किलें भी बढ़ती जा रही हैं.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इराक की अदालत ने पिछले साल एक ईरानी जनरल और एक प्रभावशाली इराकी मिलिशिया नेता के मारे जाने के मामले में ट्रंप के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है. ट्रंप के खिलाफ ईरान पहले ही इस मामले में वारंट जारी कर चुका है. ईरान ने इंटरपोल से ट्रंप की गिरफ्तारी के लिए मदद भी मांग रखी है.

बता दें कि ईरान के शीर्ष जनरल कासिम सुलेमानी और इराकी मिलिशया के शीर्ष नेता अबु महदी अल मुहंदिस की अमेरिकी ड्रोन हमले में मौत हुई थी. उन पर यह ड्रोन हमला बगदाद के नजदीक हुआ था. गौरतलब है कि सुलेमानी की हत्या के बाद ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया था और क्षेत्र में युद्ध के बादल मंडराने लगे थे. हालांकि इस हमले को अब एक साल का वक्त बीत चुका है.

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कैपिटल हिल में ट्रंप समर्थकों ने मचाया उत्पात

इससे पहले वाशिंगटन स्थित कैपिटल हिल में डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों ने जबरदस्त हंगामा किया. लंबे संघर्ष के बाद सुरक्षाबलों ने इन्हें बाहर निकाला और कैपिटल हिल को सुरक्षित किया. दरअसल, कैपिटल हिल में इलेक्टोरल कॉलेज की प्रक्रिया चल रही थी, जिसके तहत जो बाइडेन के राष्ट्रपति बनने पर मुहर की तैयारी थी. इसी दौरान हजारों की संख्या में ट्रंप समर्थकों ने वॉशिंगटन में मार्च निकाला और कैपिटल हिल पर धावा बोल दिया. यहां डोनाल्ड ट्रंप को सत्ता में बनाए रखने, दोबारा वोटों की गिनती करवाने की मांग की जा रही थी.

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नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडेन और पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने प्रदर्शन की निंदा की, साथ ही इसके लिए उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप को जिम्मेदार ठहराया. जो बाइडेन ने कहा कि ट्रंप को तुरंत देश से माफी मांगनी चाहिए, अपने समर्थकों को समझाना चाहिए.

अमेरिका में हुई हिंसा पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी प्रतिक्रिया दी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि लोकतंत्र में सत्ता का हस्तांतरण शांतिपूर्ण ढंग से होना जरूरी है. इस तरह के प्रदर्शनों के जरिए लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नुकसान नहीं पहुंचाया जा सकता है.

हिंसा के बाद इस्तीफे का दौर

अमेरिकी संसद में हुए बवाल के बाद व्हाइट हाउस में डिप्टी प्रेस सेक्रेटरी सारा मैथ्यू ने अपना पद त्याग दिया. इसके अलावा मेलानिया ट्रंप की चीफ ऑफ स्टाफ स्टेफनी ग्रीशन ने भी हिंसा के विरोध में पद से इस्तीफा दे दिया.

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