ईरान में इस्लामिक रिपब्लिक के मौलवी शासन के खिलाफ चल रहे बड़े विरोध प्रदर्शनों के बीच हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं. बुधवार को दर्जनों ईरानी नागरिक ईरान से तुर्की की सीमा पार करते हुए देखे गए. यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब ईरानी प्रशासन देश में विरोध की सबसे बड़ी लहरों में से एक को सख्ती से दबाने में जुटा हुआ है.
इसी बीच एक ईरानी युवक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. यह युवक ईरान से तुर्की पहुंचने के बाद कार में बैठकर रोते हुए दुनिया को संदेश देता दिखाई दे रहा है. वीडियो में युवक कहता है कि ईरान के बाहर रहने वाले लोगों को यह अंदाजा ही नहीं है कि देश के अंदर हालात कितने खराब हैं. उसके अनुसार यह सिर्फ गिरफ्तारियां या मारपीट नहीं है, बल्कि खुलेआम हत्याएं हो रही हैं.
डर का ऐसा माहौल कि सीमा पार करने के बाद भी बोलने से कतरा रहे लोग
युवक का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को चेतावनी के तौर पर गोली नहीं चलाई जा रही, बल्कि सीधे सीने में गोली मारी जा रही है. यह जानबूझकर किया जा रहा है और बार बार हो रहा है. उसने कहा कि इंटरनेट पर जो मौत के आंकड़े दिख रहे हैं, वे सच्चाई के बेहद करीब भी नहीं हैं. कई शव गायब हो जाते हैं और परिवार डर के कारण चुप रहते हैं.
Please share this with everyone.
— Niyak Ghorbani (نیاک) (@GhorbaniiNiyak) January 14, 2026
The world needs to hear this.
This young man explains the situation after leaving Iran. pic.twitter.com/rpViE31HGz
वीडियो में युवक यह भी कहता है कि ईरान के अंदर लोग बोल नहीं पा रहे हैं और बाहर की दुनिया को पूरी सच्चाई दिखाई नहीं दे रही. यही खामोशी इस वक्त बहुत बड़ा काम कर रही है. मानवाधिकार समूहों के अनुसार, मौजूदा आंदोलन को दबाने के दौरान अब तक करीब 2600 लोगों की मौत हो चुकी है. इन आंकड़ों को लेकर ईरानी प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता लगातार बढ़ रही है.
तुर्की और ईरान के विदेश मंत्रियों में बातचीत, हालात पर रखी जा रही नजर
इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को ईरान के लोगों से विरोध जारी रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि मदद रास्ते में है. उनके इस बयान के बाद क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है. बुधवार को ईरानी परिवार और व्यक्ति तुर्की के पूर्वी प्रांत वान में स्थित कापिकोय सीमा द्वार से प्रवेश करते देखे गए. लोग अपने साथ सूटकेस और जरूरी सामान लेकर सीमा पार करते हुए दिखाई दिए. इसके बाद वे आसपास के कस्बों की ओर जाने वाले वाहनों में सवार हो गए.
हालांकि, सीमा पार करने वाले लोगों ने मीडिया से बात करने से इनकार कर दिया. उनका कहना था कि अगर वे बोलेंगे तो ईरान लौटने पर उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं. डर का माहौल इतना गहरा है कि लोग सुरक्षित स्थान पर पहुंचने के बाद भी खुलकर बोलने से बच रहे हैं.
रॉयटर्स से बात करने वाले दो राजनयिकों ने बताया कि ईरान से तुर्की जाने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है. यह बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है, जब कई देशों ने अपने नागरिकों को ईरान छोड़ने की सलाह दी है. हालांकि, तुर्की सीमा पर तैनात एक सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि सीमा द्वार पर हालात असाधारण नहीं हैं और आने वालों की संख्या में कोई बहुत बड़ा उछाल नहीं देखा गया है. उन्होंने यह भी कहा कि स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है.
अमेरिका की अपील और ईरान की चेतावनी, क्षेत्रीय तनाव और गहराया
अमेरिका ने अपने नागरिकों से तुरंत ईरान छोड़ने की अपील की है. मंगलवार को तेहरान स्थित अमेरिकी वर्चुअल दूतावास ने एक नोटिस जारी कर कहा कि अमेरिकी नागरिकों को जमीन के रास्ते तुर्की या आर्मेनिया जाने पर विचार करना चाहिए. ईरान ने भी सख्त चेतावनी दी है. एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि अगर वाशिंगटन ने ईरान में हो रहे प्रदर्शनों में हस्तक्षेप करने की धमकियों पर अमल किया, तो तेहरान पड़ोसी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई करेगा.
इस बीच तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने क्षेत्रीय तनाव कम करने के लिए बातचीत की जरूरत पर जोर दिया है. बुधवार को उन्होंने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची से फोन पर बात की. तुर्की विदेश मंत्रालय के एक सूत्र के अनुसार, बातचीत में मौजूदा हालात और क्षेत्रीय स्थिरता पर चर्चा हुई.
ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों और दमन की खबरें अब सीमाओं के पार असर दिखाने लगी हैं. लोग डर, असुरक्षा और अनिश्चित भविष्य के बीच देश छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं. वहीं, वायरल हो रहे वीडियो और गवाही यह संकेत दे रहे हैं कि ईरान के अंदर हालात सार्वजनिक तौर पर सामने आ रही तस्वीर से कहीं ज्यादा भयावह हो सकते हैं.