ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों को दो हफ्ते से ज्यादा हो गए हैं. अब तक 10 हजार से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इसी बीच सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा था कि ईरान की पुलिस ने 10 अफगानी और 6 भारतीयों को भी गिरफ्तार कर लिया है. इन खबरों पर अब भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली की प्रतिक्रिया आ गई है. उन्होंने इन खबरों को फर्जी बताते हुए इनका खंडन किया है.
ईरानी राजदूत का ये बयान ऐसे समय आया है, जब ईरान में पढ़ रहे भारतीय छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी. अमेरिका के ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट न्यूज एजेंसी (HRANA) के मुताबिक, ईरान में 28 दिसंबर से प्रदर्शन शुरू होने के बाद से 500 से ज्यादा लोग मारे गए हैं. ईरान में अब विरोध प्रदर्शन सभी 31 प्रांतों तक फैल चुके हैं.
इसी बीच सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि विरोध प्रदर्शनों के बीच ईरान की पुलिस ने 10 अफगानी और 6 भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार कर लिया है. दावा किया गया कि ये लोग ईरान में आगजनी और हिंसा में शामिल हैं.
हालांकि, ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली ने इन्हें फेक न्यूज बताया है. X पर एक पोस्ट में मोहम्मद फथाली ने कहा, 'ईरान के घटनाक्रम के बारे में कुछ विदेशी X अकाउंट्स पर फैलाई गईं खबरें पूरी तरह गलत हैं. मैं सभी लोगों से अनुरोध करता हूं कि वो अपनी खबरें भरोसेमंद सोर्स से लें.'
ईरान में सुरक्षित हैं भारतीय
ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AIMSA) और फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशंस (FAIMA) ने रविवार को एक संयुक्त बयान जारी कर बताया कि ईरान में भारतीय सुरक्षित हैं और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है.
AIMSA और FAIMA डॉक्टर्स एसोसिएशन के वाइस प्रेसिडेंट डॉ. मोहम्मद मोमिन खान ने कहा कि दोनों संगठनों को ईरान भर में पढ़ रहे भारतीय छात्रों से सीधे अपडेट मिले हैं. न्यूज एजेंसी ANI के अनुसार, डॉ. खान ने एक बयान में कहा, 'हमारे सभी छात्र सुरक्षित हैं. घबराने की कोई जरूरत नहीं है.'
डॉ. खान के अनुसार, वरिष्ठ अधिकारी और ईरान में भारतीय दूतावास हालात पर करीब से नजर रख रहे हैं और छात्रों और स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं. AIMSA और FAIMA ने कहा कि भारतीय नागरिकों को कोई तत्काल खतरा नहीं है.