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भारत में जन्मे CEO से छिनेगी अमेरिकी नागरिकता, कुल 17 लोगों पर लटकी तलवार

अमेरिका में नागरिकता मिलने के बाद भी खतरा टल नहीं सकता. ट्रंप प्रशासन ने ऐसे 17 विदेशी मूल के अमेरिकी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है, जिन पर धोखाधड़ी, झूठी जानकारी या गंभीर अपराध छिपाकर नागरिकता हासिल करने का आरोप है. इनमें भारतीय मूल के कारोबारी नीरज शर्मा भी शामिल हैं, जिनकी नागरिकता अब रद्द की जा सकती है.

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जिनकी US नागरिकता छिनने का खतरा है उनमें भारतीय मूल के कारोबारी नीरज शर्मा भी शामिल (सांकेतिक तस्वीर)
जिनकी US नागरिकता छिनने का खतरा है उनमें भारतीय मूल के कारोबारी नीरज शर्मा भी शामिल (सांकेतिक तस्वीर)

भारतवंशी सीईओ समेत 17 ऐसे अमेरिकी नागरिक हैं जिनकी अमेरिकी नागरिकता छीनी जा सकती है. ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी इतिहास में अब तक के सबसे बड़े नागरिकता वापस लेने वाले अभियानों में से एक की शुरुआत की है.

इस अभियान का निशाना वे विदेशी मूल के अमेरिकी नागरिक हैं जिन पर धोखाधड़ी, चीजें छिपाना या गलत बयानी के जरिए नागरिकता प्राप्त करने का आरोप है, साथ ही वे लोग भी शामिल हैं जिन्हें हिंसक और यौन अपराधों के लिए दोषी ठहराया गया है.

अमेरिकी न्याय विभाग ने सोमवार (8 जून) को ऐलान किया कि उसने धोखाधड़ी, छिपाव या गलत बयानी से नागरिकता लेने के 17 आरोपियों के खिलाफ नागरिकता रद्द करने की कार्यवाही शुरू की है. 

विभाग के मुताबिक, इस समूह में बाल यौन शोषण और मादक पदार्थों की तस्करी से लेकर वायर धोखाधड़ी और इमिग्रेशन से जुड़ी धोखाधड़ी तक के अपराधों के आरोपी या दोषी व्यक्ति शामिल हैं.

जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनमें 50 वर्षीय भारतीय मूल के व्यवसायी नीरज शर्मा भी शामिल हैं, जो न्यू जर्सी स्थित स्टाफिंग कंपनी मैग्नाविसन एलएलसी के मालिक और सीईओ थे. 

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अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक, शर्मा ने H-1B वीजा के लिए 11 फर्जी आवेदन दाखिल किए थे. इन आवेदनों में झूठा दावा किया गया था कि विदेशी कर्मचारियों को एक बड़ी वैश्विक वित्तीय कंपनी में नौकरी दी जाएगी. आवेदन पत्रों में कंपनी के अधिकारियों के नकली हस्ताक्षर लगाए गए थे और समर्थन में फर्जी दस्तावेज भी जमा किए गए थे.

विभाग का यह भी आरोप है कि जब शर्मा ने 2017 में अमेरिकी नागरिकता के लिए आवेदन किया था, तो उन्होंने शपथ लेकर झूठा बयान दिया था कि उन्होंने कभी ऐसा कोई अपराध नहीं किया जिसके लिए उन्हें गिरफ्तार न किया गया हो, उन्होंने अमेरिकी सरकारी अधिकारियों को कभी गलत जानकारी नहीं दी और इमिग्रेशन लाभ प्राप्त करने के लिए कभी झूठ नहीं बोला. इसके परिणामस्वरूप, दिसंबर 2017 में उन्हें अमेरिकी नागरिकता प्राप्त हो गई.

शर्मा को बाद में वीजा धोखाधड़ी के आरोप में दोषी ठहराया गया, जो कथित तौर पर 2015 और 2017 के बीच हुई थी. न्याय विभाग अब उनकी नागरिकता रद्द करने की मांग कर रहा है, यह तर्क देते हुए कि उन्होंने गैरकानूनी कृत्यों को छिपाया और महत्वपूर्ण गलत बयानों के माध्यम से नागरिकता ली.

शर्मा के साथ-साथ, अमेरिकी न्याय विभाग बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों सहित हिंसक या गंभीर अपराधों के लिए दोषी ठहराए गए 16 अन्य व्यक्तियों की नागरिकता रद्द करने की मांग कर रहा है. इनमें से कुछ को धोखाधड़ी के अपराधों के लिए दोषी ठहराया गया था या उन पर आव्रजन धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया था.

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जिन लोगों की अमेरिकी नागरिकता रद्द होने वाली है, उनमें एक हैती का अप्रवासी शामिल है, जिस पर अपनी बेटी का यौन शोषण करने का आरोप है; पूर्व यूगोस्लाविया का एक व्यक्ति, जिसे 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चे का यौन शोषण करने का दोषी ठहराया गया है; मैक्सिको का एक अप्रवासी, जिसे नाबालिगों की यौन रूप से आपत्तिजनक तस्वीरें प्राप्त करने का दोषी ठहराया गया है; कोलंबिया में जन्मे एक पूर्व कैथोलिक पादरी, जिस पर बाल यौन शोषण का आरोप है; और फिलीपींस में जन्मे एक व्यक्ति, जिसने बाल यौन अपराध में दोषी होने की बात स्वीकार की है.

मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी एक कोलंबियाई ड्रग तस्कर की बेटी; वायर फ्रॉड के दोषी जमैका में जन्मे एक व्यक्ति और एक आदिवासी कैसीनो को धोखा देने के आरोपी क्यूबा में जन्मी एक महिला भी उन लोगों में शामिल हैं जिनकी नागरिकता रद्द की जा रही है.

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