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फ्रांस ने एमानुएल मैक्रों को नया राष्ट्रपति चुना, दक्षिणपंथी ली पेन की हार

फ्रांस के स्थानीय समयानुसार शाम आठ बजे वोटिंग बंद होने के तुरंत बाद आए रुझानों में मैक्रोन को 65.5 से 66.1 प्रतिशत के करीब वोट मिले, जबकि मरीन ली पेन को 33.9 से 34.5 प्रतिशत के करीब वोट मिले.

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राष्ट्रपति चुनाव में एमानुएल मैक्रोन की जीत राष्ट्रपति चुनाव में एमानुएल मैक्रोन की जीत

फ्रांस ने एमानुएल मैक्रोन को अपना नया राष्ट्रपति चुना है. रविवार को हुए दूसरे चरण के चुनाव में मैक्रोन ने अपनी प्रतिद्धंदी और धुर दक्षिणपंथी रुझानों वाली मरीन ली पेन को मात दे दी. बता दें कि युवा मध्यमार्गी एमानुएल मैक्रोन के पास कुछ खास राजनीतिक अनुभव नहीं है. और वो न ही किसी निर्वाचित पद पर रहे हैं.

मैक्रोन की जीत ने फ्रांस की राजनीति में मेनस्ट्रीम पार्टियों के वर्चस्व को धता बता दिया है. मैक्रोन की जीत उनके ब्रसेल्स और बर्लिन जैसे यूरोपीय सहयोगियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, जिन्हें ब्रिटेन के यूरोपीय यूनियन से बाहर होने और डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिकी राष्ट्रपति चुने जाने के बाद बड़ा झटका लगा था.

39 वर्षीय पूर्व इंन्वेस्टमेंट बैंकर मैक्रोन दो साल वित्त मंत्री रहे हैं, लेकिन कभी किसी निर्वाचित पद पर नहीं रहे. मैक्रोन नेपोलियन के बाद फ्रांस का नेतृत्व करने वाले सबसे युवा नेता होंगे.

मैक्रोन को स्पष्ट बहुमत
फ्रांस के स्थानीय समयानुसार शाम आठ बजे वोटिंग बंद होने के तुरंत बाद आए तीन रुझानों में मैक्रोन को 65.5 से 66.1 प्रतिशत के करीब वोट मिले, जबकि मरीन ली पेन को 33.9 से 34.5 प्रतिशत के करीब वोट मिले.

तीन साल पहले तक गुमनाम रहे मैक्रोन अब यूरोप के शक्तिशाली नेताओं में से एक बनने जा रहे हैं. मैक्रोन के सामने फ्रांस और यूरोप में राजनीतिक और आर्थिक सुधारों को आगे बढ़ाने की बड़ी चुनौती है.

इससे पहले रविवार को वोटिंग की प्रक्रिया 66,546 मतदान केंद्रों पर भारतीय समयानुसार सुबह साढ़े ग्यारह बजे शुरू हुई. 23 अप्रैल को हुए पहले दौर के चुनाव में मैक्रान को 24.01 प्रतिशत मत मिले थे, जबकि ली पेन को 21. 30 प्रतिशत मत हासिल हुए.

रन ऑफ चुनाव के इस अहम दिन से पहले फ्रांस में अभूतपूर्व प्रचार अभियान चला, जिसमें आरोप प्रत्यारोप के बीच काफी गहमागहमी रही. 39 वर्षीय मैक्रोन कभी किसी निर्वाचित पद पर नहीं रहे हैं. इस चुनाव में यूरोप समर्थक और बिजनेस समर्थक मैक्रोन और आव्रजन विरोधी एवं यूरोपीय संघ विरोधी ली पेन के बीच मुकाबला है.

दोनों नेता बिल्कुल अलग नजरिए वाले हैं और पश्चिमी लोकतांत्रिक देशों के बीच के विभाजन को रेखांकित करते हैं. ली पेन (48) ने इस चुनाव को मुक्त व्यापार, आव्रजन और साझा संप्रभुता के पक्षधर भूमंडलीकरण समर्थकों और मजबूत सीमाओं और राष्ट्रीय पहचान की वकालत करने वाले राष्ट्रवादियों के बीच का मुकाबला बताया है.

पुडुचेरी: फ्रेंच नागरिकों ने डाले वोट
पुडुचेरी में रहने वाले फ्रांस के नागरिकों ने अपने देश में हो रहे राष्ट्रपति चुनावों के दूसरे दौर के लिये रविवार को मतदान किया. फ्रांस में भी वोट डाले जा रहे हैं. पुडुचेरी और आसपास के क्षेत्रों में करीब 4600 फ्रेंच मतदाता हैं. राष्ट्रपति चुनावों के लिये पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को हुआ था. सुबह से ही वोटर यहां फ्रांसीसी वाणिज्य दूतावास के परिसर और लाइसी फ्रेंकाइस (फ्रेंच सरकार द्वारा संचालित एक विद्यालय) में जुटने लगे थे.

 

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