
फुटबॉल स्टार और पुर्तगाल के कप्तान क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने हाल ही में सऊदी अरब के फुटबॉल क्लब अल-नासर एफसी से करार किया है. रिपोर्टस की मानें तो रोनाल्डो ने यह डील 75 मिलियन डॉलर (लगभग 621 करोड़ रुपये) में किया है.
देश में फुटबॉल की बढ़ती लोकप्रियता और विजन 2030 को देखते हुए सऊदी फुटबॉल क्लब अल-नासर एफसी ने इतनी मोटी रकम खर्च कर रोनाल्डो को अपने साथ जोड़ा है. लेकिन अल-नासर एफसी के लिए यह दांव मुसीबत न पैदा कर दें. क्योंकि रोनाल्डो और उनकी साथी जॉर्जिना रोड्रिगेज़ एक साथ तो रहते हैं लेकिन शादीशुदा नहीं हैं. जबकि सऊदी कानूनों के तहत बिना शादी किए पार्टनर के साथ एक ही घर में रहना गैरकानूनी है.
क्रिस्टियानो रोनाल्डो और जॉर्जिना रोड्रिगेज़ लंबे समय से साथ रह रहे हैं. रिपोर्टस की मानें तो रोनाल्डो और रोड्रिगेज़ सऊदी अरब में भी कानून तोड़ साथ रहने के लिए तैयार हैं. हालांकि, उन्हें कानून के उल्लंघन के आरोप में सऊदी अधिकारियों की ओर से दंडित किए जाने की संभावना ना के बराबर है.
सजा की उम्मीद नहीं
37 वर्षीय रोनाल्डो अल-नासर से करार करने से पहले यूरोपीय फुटबॉल क्लब मैनचेस्टर यूनाइटेड से खेलते थे. मगर फीफा वर्ल्ड कप से पहले तीखी नोक-झोंक के बाद रोनाल्डो ने मैनचेस्टर यूनाइटेड से करार खत्म कर लिया था.
स्पेनिश समाचार एजेंसी ईएफई के अनुसार, दुनिया के महंगे खिलाड़ियों में शुमार होने के कारण फुटबॉल स्टार रोनाल्डो को दंडित किए जाने की संभावना नहीं है.
दो अलग-अलग सऊदी वकीलों के हवाले से कानूनी पेशेवरों ने यह उम्मीद जताई है कि संबंधित अधिकारी रोनाल्डो के केस में शामिल नहीं होंगे.
एक सऊदी वकील ने कहा कि हालांकि कानून के तहत अब भी बिना शादी साथ रहना जुर्म है. लेकिन अधिकारी अब इस तरह के केस में नर्म रुख अपनाते हैं और किसी पर सजा थोपने से बचते हैं. लेकिन अगर कोई क्राइम होता है तो इन कानूनों का इस्तेमाल जरूर किया जाता है.
वहीं, एक अन्य वकील ने कहा सऊदी कानून बिना शादी साथ रहने पर रोक लगाता है. लेकिन विदेशी मामलों में सऊदी अरब के अधिकारी हस्तक्षेप नहीं करते हैं.
लिव-इन को लेकर सऊदी अरब के नर्म रुख के मायने
सिविल कानून के एक विशेषज्ञ ने कहा कि देश में भले ही लिव-इन रहना गैरकानूनी है. लेकिन हाल के दिनों में सरकार ने इस पर नर्म रुख अपनाया है. विदेशी नागरिकों के मामले में अधिकारी हस्तक्षेप नहीं करते हैं.
कुछ साल पहले तक सऊदी अरब जैसे इस्लामिक देश में लिव इन के बारे में सोचना तक भी गुनाह था. सऊदी अरब में इस्लामी कानून को सख्ती से लागू किया जाता रहा है. लेकिन 2017 में मोहम्मद बिन सलमान के क्राउन प्रिंस बनने के बाद से नागरिक अधिकारों, खास तौर पर महिलाओं के अधिकारों को लेकर सऊदी अरब ने काफी प्रगति की है.
नाम उजागर नहीं करने के शर्त पर दो वकीलों ने समाचार एजेंसी ईएफई से बात करते हुए कहा कि सऊदी किंग सलमान खेल और पर्यटन के क्षेत्रों को बढ़ावा देने के लिए विदेशी नागरिकों को भले ही इस तरह की छूट देते हैं. लेकिन वही स्वतंत्रता सऊदी नागरिकों को नहीं दी जाती है.

क्या है कानून
सऊदी अरब में कपल्स को होटल में कमरा लेने से पहले यह साबित करना पड़ता है कि वे शादीशुदा हैं. सऊदी कमिशन फॉर टूरिज्य एंड हेरिटेज के एक बयान के अनुसार, सऊदी नागरिकों को होटल में चेक इन करने से पहले परिवार की आईडी या रिश्ते का सबूत दिखाने के लिए कहा जाता है.
रोनाल्डो और रोड्रिगेज़ के पास क्या हैं विकल्प
शादीशुदा नहीं होने के बावजूद रोनाल्डो और जॉर्जिना रोड्रिगेज़ को सऊदी अरब में साथ रहने के कुछ विकल्प हैं. सऊदी वकीलों के अनुसार, जॉर्जिना फुटबॉल क्लब अल-नासर की ओर से गैर-पर्यटक ( non-tourist) वीजा पर आ सकती हैं.
वहीं, एक अन्य विकल्प के रूप में वो एक साल के लिए टूरिस्ट वीजा ले सकती हैं. टूरिस्ट वीजा की मदद से जॉर्जिना को 90 दिनों के लिए देश में रहने की अनुमति होगी.

2016 से साथ हैं रोनाल्डो और रोड्रिगेज़
2016 में रियल मैड्रिड के लिए खेलने के दौरान रोनाल्डो जॉर्जिना रोड्रिगेज़ से मिले थे. रोनाल्डो और रोड्रिगेज़ ने अभी तक शादी नहीं की है. रोड्रिगेज़ से उनके दो बच्चे बेला और अलाना हैं. रोनाल्डो 2010 में पहली बार क्रिस्टियानो जूनियर के पिता बने थे. हालांकि उन्होंने अभी तक अपने पहले बच्चे की मां नाम का खुलासा नहीं किया है. वहीं, 2017 में रोनाल्डो सरगोसी के माध्यम से बेटी इवा और बेटे मातेओ का पिता बने थे.