इजरायल और हमास के बीच जंग जारी है. इजरायल की ओर से गाजा पट्टी में लगातार हमला किया जा रहा है. ऐसे में एक इजरायली मंत्री ने रविवार को बयान दिया कि हमास शासित गाजा पट्टी पर परमाणु बम गिराना भी हमारे लिए एक विकल्प है. उनके इस बयान के बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतान्याहू ने उन्हें सरकारी बैठकों से निलंबित कर दिया है.
एक रेडियो इंटरव्यू में, जेरूसलम मामलों और विरासत मंत्री अमीचाई एलियाहू ने कहा कि गाजा में कोई गैर-लड़ाकू नहीं है और ऐसे में गाजा पट्टी को मानवीय सहायता देना विफलता होगी. जब उनसे पूछा गया कि क्या उनके विचार में गाजा में कोई गैर-लड़ाके नहीं हैं तो क्या गाजा पट्टी पर परमाणु हमला एक विकल्प है, इस सवाल के जवाब में एलियाहू ने कहा कि यह भी एक विकल्प है.
बयान की इजरायल में ही हुई आलोचना
उनकी इस टिप्पणी से सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष दोनों के लोगों में नाराजगी देखी गई और इसके बाद उन्हें सरकार से बर्खास्त करने की मांग उठने लगी. हंगामे के बाद एलियाहू अपने बयान से पीछे हट गए और इसे प्रतीकात्मक टिप्पणी बताया.

उन्होंने कहा, किसी भी दिमाग वाले व्यक्ति के लिए यह स्पष्ट है कि परमाणु के बारे में टिप्पणी रूपक थी. हमें वास्तव में आतंक के प्रति एक सशक्त और असंगत रिएक्शन दिखाना होगा, जो नाजियों और उनके समर्थकों को स्पष्ट कर देगी कि आतंकवाद सार्थक नहीं है. यह एकमात्र फार्मूला है जिसके साथ लोकतंत्र आतंक से निपट सकता है. एलियाहू ने लिखा, 'साथ ही, यह स्पष्ट है कि इजरायल राज्य बंदियों को जीवित और अच्छे स्वास्थ्य में वापस लाने के लिए सब कुछ करने के लिए बाध्य है.'
नेतन्याहू ने किया बैठकों से निलंबित
इस बीच इजरायल के पीएमओ ने बयान जारी कर कहा, प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने एलियाहू को सरकारी बैठकों से अनिश्चित काल के लिए निलंबित कर दिया. इस बयान में कहा गया है कि एलियाहू युद्धकालीन निर्णय लेने में शामिल सुरक्षा कैबिनेट का हिस्सा नहीं है, न ही उसका इस्लामवादी हमास के खिलाफ युद्ध का निर्देशन करने वाली युद्ध कैबिनेट पर प्रभाव है. नेतन्याहू ने एलियाहू को टिप्पणी को वास्तविकता से बिल्कुल अलग बताया.
प्रधानमंत्री ने कहा, 'इजरायल और आईडीएफ (इज़राइल रक्षा बल) गैर-शामिल लोगों को नुकसान से बचाने के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून के उच्चतम मानकों के अनुसार काम कर रहे हैं और हम अपनी जीत तक ऐसा ही करना जारी रखेंगे.'
रक्षा मंत्री ने बताया निराधार
इजरायल के रक्षा मंत्री योव गैलेंट ने एलियाहू के बयानों को निराधार बताते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि यह अच्छा है कि ये इजराइल की सुरक्षा के प्रभारी लोग नहीं हैं. विपक्षी नेता यायर लैपिड ने एलियाहू की टिप्पणियों को एक गैर-जिम्मेदार मंत्री की भयावह और पागलपन भरी टिप्पणी बताया.
उन्होंने मांग की, 'उन्होंने (241 गाजा) बंदियों के परिवारों को नाराज किया, इजरायली समाज को नाराज किया और हमारी अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया. सरकार में चरमपंथियों की मौजूदगी हमें और युद्ध लक्ष्यों की सफलता - हमास को हराना और बंधकों को वापस लौटाना - को खतरे में डालती है. नेतन्याहू को उन्हें बर्खास्त करना चाहिए.'
क्या इंटरनेशनल दबाव में आ रहा है इजरायल
इस बयान पर पर्यवेक्षकों का मानना है कि गाजा में मरने वालों की संख्या बढ़ने के कारण इजरायल अंतरराष्ट्रीय समुदाय के दबाव में आ रहा है और इस तरह की टिप्पणियां उसके "आत्मरक्षा के अधिकार" के लिए समर्थन बनाए रखने के प्रयासों को नुकसान पहुंचाती हैं. इजराइल ने वैश्विक स्तर पर समर्थन जुटाने के लिए बड़े पैमाने पर कूटनीतिक प्रयास शुरू किया है और विदेश मंत्री एली कोहेन ने दुनियाभर में देश के मिशनों को 7 अक्टूबर को हमास के कायरतापूर्ण कृत्यों से प्राप्त भयानक दृश्यों को सांसदों और सामाजिक प्रभावशाली लोगों के सामने प्रदर्शित करने का निर्देश दिया है.